सितारगंज (ऊधम सिंह नगर)। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) ने नगर के मुख्य चौक पर एक विशाल जनसभा का आयोजन कर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला। पार्टी नेताओं ने सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने और उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों की खुली लूट का गंभीर आरोप लगाया। सोमवार को हुई एक पत्रकार वार्ता के दौरान उपपा के शीर्ष नेतृत्व ने साफ किया कि वे राज्य की जनता के बुनियादी मुद्दों को लेकर सभी विधानसभा क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम चला रहे हैं।

मूल मुद्दों की अनदेखी का आरोप

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उपपा के राष्ट्रीय संयोजक पीसी तिवारी और केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने कहा कि आज उत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पलायन, खेती और सख्त भू-कानून जैसे अति-महत्वपूर्ण मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था का तेजी से निजीकरण किया जा रहा है, जिससे आम जनता परेशान है। इसके साथ ही आईएमपीसीएल (IMPCL) के निजीकरण और राज्य में बढ़ते रोजगार के संकट को लेकर भी उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की।

अंकिता भंडारी और केतन हत्याकांड का उठाया मुद्दा

उपपा नेताओं ने उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड और केतन हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों ही मामलों में जांच के बावजूद असली सूत्रधार और मुख्य चेहरे अभी तक जनता के सामने नहीं आ पाए हैं, जो कि व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।

आगामी चुनाव के लिए मजबूत विकल्प का दावा

पार्टी नेतृत्व ने ऐलान किया कि उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य की सभी संघर्षशील, ईमानदार और जनहित में काम करने वाली ताकतों को एक मंच पर लाएगी। उपपा उत्तराखंड की जनता के सामने एक मजबूत और ईमानदार राजनीतिक विकल्प पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

इस जनसभा और प्रेस वार्ता के दौरान जीवन चंद्र उप्रेती, नरेश नौडियाल, किरन आर्या, लालमणि, ललिता रावत, दिनेश उपाध्याय समेत भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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