सितारगंज (ऊधमसिंह नगर): जनपद के जिलाधिकारी द्वारा गैस एजेंसियों को गोदाम से वितरण बंद कर केवल ‘होम डिलीवरी’ सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश पहले ही दिन धरातल पर बेअसर साबित हुए। मंगलवार को सितारगंज के किच्छा हाईवे स्थित इंडेन गैस एजेंसी पर सुबह से ही सैकड़ों उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिससे प्रशासन के दावों की पोल खुल गई।
गांवों में नहीं पहुँच रही गाड़ी, मजबूरी में लाइन में लगे लोग
सिसोना, कल्याणपुर, बमनपुरी और बघौरा समेत कई दूर-दराज के गांवों से पहुँचे उपभोक्ताओं का दर्द छलक पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से उनके गांवों में गैस की गाड़ी नहीं आई है। चूल्हा जलना मुश्किल होने के कारण वे मजबूरी में एजेंसी का रुख कर रहे हैं, लेकिन यहाँ भी पिछले तीन दिनों से लाइन में लगने के बाद उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है।
प्रशासन की अपील को उपभोक्ताओं ने नकारा
हालात का जायजा लेने पहुँचे पूर्ति निरीक्षक डीएस धामी ने उपभोक्ताओं को लाइन न लगाने और नई ‘होम डिलीवरी’ व्यवस्था की जानकारी दी, लेकिन आक्रोशित लोगों ने इसे मानने से साफ इनकार कर दिया। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब घर पर गैस पहुँच ही नहीं रही, तो वे लाइन क्यों न लगाएं? घंटों इंतजार के बाद भी जब गैस नहीं मिली, तो सैकड़ों लोग मायूस होकर खाली सिलेंडर के साथ वापस लौट गए।
1800 सिलेंडरों का भारी बैकलॉग
इंडेन गैस एजेंसी के प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार को प्लांट से गैस की गाड़ी न पहुँचने के कारण आपूर्ति प्रभावित रही। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में 1800 से अधिक सिलेंडरों का बैकलॉग चल रहा है, जिसे खत्म करने की कोशिश की जा रही है। प्रबंधक ने दावा किया कि बुधवार से व्यवस्था में सुधार होगा और होम डिलीवरी को सुचारू किया जाएगा।
इस स्थिति ने प्रशासन की नई वितरण व्यवस्था और जमीनी तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या बुधवार से वास्तव में उपभोक्ताओं को राहत मिलती है या उन्हें फिर से लंबी लाइनों का हिस्सा बनना पड़ेगा।
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