पीलीभीत। शहर के जाम-ए-अनवर पब्लिक स्कूल में ‘हरियाली और बेजुबान जानवरों पर दया’ विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वन्यजीव विशेषज्ञ और फॉरेस्ट रेंजर आरिफ जमाल खां ने छात्रों को जीव-दया का संदेश देते हुए कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा इंसानी अस्तित्व के लिए अनिवार्य है। उन्होंने ‘फूड चैन’ (खाद्य श्रृंखला) का उदाहरण देते हुए समझाया कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में हर छोटे-बड़े जीव की महत्वपूर्ण भूमिका है।
वाइल्डलाइफ बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन सोसायटी के महासचिव और वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. अमिताभ अग्निहोत्री ने विद्यालय के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षकों में पर्यावरण के प्रति ऐसी जागरूकता एक सार्थक भविष्य की नींव है। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे ऊर्जा संरक्षण के लिए अनावश्यक बिजली का उपयोग न करें और पानी की बर्बादी रोकने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करें। वहीं, हरिओम नादान ने बताया कि यह संस्थान पक्षियों के लिए मिट्टी के सकोरे रखने जैसे नेक कार्य निरंतर करता आ रहा है।

ग्रंथों में गौ-महिमा और जीव प्रेम
सेमिनार में डॉ. बिलाल चिश्ती ने ऋग्वेद, भगवत गीता और कुरान के हवाले से गाय की महत्ता साझा की। उन्होंने कहा कि इस्लाम में गाय को ईश्वर की अनमोल ‘नेमत’ (उपहार) माना गया है और कुरान का सबसे लंबा अध्याय ‘सूरह अल-बकराह’ भी इसी पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैगंबर साहब स्वयं जानवरों के प्रति अत्यंत दयालु थे। इसके साथ ही, डिस्कवरी चैनल के ताज मोहम्मद ने चीन की एक कहानी के माध्यम से पक्षियों की घटती संख्या पर चिंता जताई, जबकि आईटी विशेषज्ञ मुस्तफा हसन ने बच्चों की जिज्ञासाओं को शांत करते हुए जल संरक्षण के सरल उपाय बताए।

जन्मदिन पर पौधा लगाने का संकल्प
प्रधानाचार्य डॉ. बुशरा ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए बच्चों को अपने हर जन्मदिन पर एक पौधा लगाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने प्रसिद्ध शेर “तुम रहम करो फर्श बरी पर, खुदा रहम करेगा अर्शे बरी पर” के माध्यम से छात्रों को मानवता और जीव-दया की सीख दी।
सेमिनार में विद्यालय की अध्यापिकाओं ने पर्यावरण ऊर्जा और वन्यजीवों पर आधारित अपने शोध पत्र पढ़े जिन्होंने काफी प्रभावित किया.कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने पर्यावरण और वन्यजीवों की रक्षा की सामूहिक शपथ ली।