​पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों की सुरक्षा और उनकी गतिविधियों पर सटीक नजर रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रिजर्व की माला रेंज से गुजरने वाली रेलवे लाइन पर वन्यजीवों की सघन निगरानी के लिए आधुनिक कैमरा ट्रैप स्थापित किए गए हैं। इस नई व्यवस्था से न केवल रेलवे ट्रैक के आसपास वन्यजीवों की गतिविधियों की मुस्तैदी से निगरानी हो सकेगी, बल्कि यह भी बारीकी से देखा और समझा जा सकेगा कि रेलवे लाइन के आसपास वन्यजीवों की सुगम आवाजाही के लिए बनाए गए अंडरपास और लेवल पास का उपयोग ये जीव कर रहे हैं अथवा नहीं। इससे आने वाले समय में वन्यजीवों को ट्रेन दुर्घटनाओं से बचाने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।


​पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विश्व प्रकृति निधि के विशेष सहयोग से माला स्टेशन तथा उसके आसपास के संवेदनशील वन क्षेत्रों में कुल 28 कैमरा ट्रैप लगाए जा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन कैमरों की मदद से वन्यजीवों की हर हरकत और उनके रूट (रास्तों) की निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके साथ ही प्रभागीय वन अधिकारी ने यह भी कहा कि सुरक्षा और शोध के दृष्टिकोण से यदि भविष्य में आवश्यकता महसूस हुई, तो इस क्षेत्र में कैमरों की संख्या को और अधिक बढ़ाया जा सकता है ताकि कोई भी कोना निगरानी से अछूता न रहे।


​इस महत्वपूर्ण परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए विश्व प्रकृति निधि के लवप्रीत सिंह और परियोजना अधिकारी कंधइ लाल के कुशल निर्देशन में एक विशेष प्रशिक्षित टीम का गठन किया गया था। इसी टीम ने तकनीकी बारीकियों को ध्यान में रखते हुए माला रेंज के इन चिन्हित स्थलों पर कैमरे स्थापित किए हैं। वन विभाग और विश्व प्रकृति निधि के इस संयुक्त प्रयास से उम्मीद जताई जा रही है कि रेलवे ट्रैक के आसपास होने वाले मानव-वन्यजीव संघर्ष और संभावित हादसों पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सकेगा और तराई के इस महत्वपूर्ण जैव-विविधता वाले क्षेत्र को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

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