पीलीभीत। कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की मासिक पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के किसानों से जुड़ी विभिन्न गंभीर और ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सदर के न्यायिक उपजिलाधिकारी पवन कुमार को सौंपकर सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान की पुरज़ोर मांग की। पंचायत को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह ने आरोप लगाया कि निजी उर्वरक विक्रेता यूरिया खाद के साथ जिंक, सल्फर और अन्य कृषि उत्पाद जबरन टैग कर किसानों को खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त कर उन्हें ‘खाद माफिया’ घोषित करने और आगामी सावन माह व कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र जिले में पर्याप्त यूरिया का स्टॉक सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
इसके साथ ही, जिलाध्यक्ष ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती और राजस्व विभाग की लापरवाही का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अनियोजित बिजली कटौती के कारण किसान धान की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं और महंगे डीजल का उपयोग करने को मजबूर हैं। साथ ही खतौनियों में अंश निर्धारण की त्रुटियों के चलते किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं बन पा रही है, जिससे वे सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। बजाज हिंदुस्तान लिमिटेड बरखेड़ा चीनी मिल द्वारा गन्ना किसानों का करोड़ों रुपये का बकाया भुगतान न किए जाने पर भी चिंता जताई गई, जिससे किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं।
पंचायत में मौजूद अन्य किसान नेताओं ने भी विभिन्न विभागों की कमियों को उजागर किया। मरौरी ब्लॉक अध्यक्ष बलराम वर्मा ने आवारा गोवंश की बढ़ती समस्या और सरकारी गौशालाओं की दयनीय स्थिति का ज़िक्र करते हुए कर्मचारियों पर पशु रखने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाया। वहीं, पूरनपुर ब्लॉक अध्यक्ष पवन कुमार वर्मा ने पशुपालन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल पशुओं के टीकाकरण अभियान की शुरुआत करने की मांग की। जिला सचिव बलजीत सिंह चीमा ने जल जीवन मिशन के कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों, सीसी रोड और इंटरलॉकिंग की मरम्मत न कराए जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। इस मासिक पंचायत में नवजोत सिंह, ऋषिपाल, जसबीर सिंह, महेंद्र कुमार, रामकृपाल, संजीव कुमार, मनोज कुमार, रामाकांत, किशन स्वरूप, मोतीराम, राजेंद्र प्रसाद और बूटा सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।