रुद्रपुर। गाबा चौक और पुलभट्टा फायरिंग कांड के मुख्य आरोपी कुख्यात शार्प शूटर जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी को रुद्रपुर पुलिस ने रविवार देर रात मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। उसके साथ दो अन्य शातिर अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस का दावा है कि आरोपी किसी बड़ी खूनी गैंगवार को अंजाम देने की फिराक में थे, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में गठित विशेष टीम को सूचना मिली थी कि गाबा चौक फायरिंग का मुख्य आरोपी जितेंद्र चौधरी अपने साथियों के साथ बिना नंबर प्लेट की सफेद रेनॉल्ट क्विड कार से डिबडिबा क्षेत्र में अपने प्रतिद्वंद्वी पर हमला करने जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने जाफरपुर कट के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी कार लेकर भाग निकले, लेकिन यूनिटी लॉ कॉलेज के पास कच्चे रास्ते में कार तारबाड़ से टकरा गई। इसके बाद आरोपी खेतों की ओर भागते हुए पुलिस पर फायरिंग करने लगे। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद लगातार फायरिंग होने पर पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें जितेंद्र चौधरी के पैर में गोली लगी।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी (28), सुमित राठौर (21) और चंदन लाल (32) को गिरफ्तार कर लिया, जबकि निरंजन टाकुली उर्फ नीरू टाकुली फरार हो गया, जिसकी तलाश में लगातार कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है। आरोपियों के कब्जे से तीन अवैध 315 बोर तमंचे, आठ जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की रेनॉल्ट क्विड कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। घायल जितेंद्र चौधरी का जिला अस्पताल रुद्रपुर में उपचार चल रहा है।
पुलिस के अनुसार जितेंद्र चौधरी का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ रुद्रपुर, पुलभट्टा, दिनेशपुर और उत्तर प्रदेश के बिलासपुर थानों में हत्या के प्रयास, फायरिंग, रंगदारी, अवैध हथियार रखने सहित गंभीर अपराधों के करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।