लक्सर/बेगूसराय | उत्तराखंड के केदारनाथ धाम के दर्शन कर अपने पति मनीष अग्रहरि के साथ लौटते समय चलती महानंदा एक्सप्रेस ट्रेन से अचानक लापता हुई नवविवाहिता प्रज्ञा सिंह सकुशल मिल गई हैं। पिछले छह दिनों से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई थीं। सोमवार को यह साफ हो गया कि प्रज्ञा बिहार के बेगूसराय में अपनी मौसी के घर पर हैं। उन्होंने खुद अपने पति को फोन कर अपने सुरक्षित होने की जानकारी दी।

ट्रेन के सफर के दौरान अचानक हो गई थीं गायब
जानकारी के मुताबिक, नवविवाहिता प्रज्ञा सिंह अपने पति मनीष अग्रहरि के साथ बाबा केदारनाथ के दर्शन करने उत्तराखंड आई थीं। दर्शन के बाद वापस लौटते समय वे महानंदा एक्सप्रेस में सवार थीं, जहाँ से वे अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गईं। पति की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी का मामला दर्ज कर खोजबीन शुरू की। उत्तराखंड की लक्सर कोतवाली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की टीमें लगातार छह दिनों तक रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज और प्रज्ञा के मोबाइल लोकेशन को खंगाल रही थीं।

मौसी के घर से पति को किया फोन, भाई ने की पुष्टि
इस हाई-प्रोफाइल गुमशुदगी मामले में सोमवार को उस वक्त बड़ा मोड़ आया जब प्रज्ञा ने खुद अपने पति मनीष को फोन किया। प्रज्ञा के भाई ने बताया कि उनकी एक मौसी बिहार के बेगूसराय में रहती हैं। प्रज्ञा लक्सर रेलवे स्टेशन के पास से ट्रेन बदलकर सीधे अपनी मौसी के घर बेगूसराय पहुंच गई थीं। बेगूसराय पहुंचने के बाद उन्होंने अपने पति को फोन कर पूरी लोकेशन बताई और कहा कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं।

पुलिस ने कस्टडी में लिया, लक्सर कोतवाली में पूछताछ की तैयारी
मनीष अग्रहरि ने जैसे ही इस बात की जानकारी उत्तराखंड पुलिस को दी, लक्सर कोतवाली पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस टीम मनीष के साथ तत्काल बिहार रवाना हुई और प्रज्ञा सिंह को अपनी कस्टडी (संरक्षण) में ले लिया। पुलिस टीम प्रज्ञा को लेकर वापस उत्तराखंड के लक्सर कोतवाली पहुंच गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मजिस्ट्रेट के सामने प्रज्ञा के बयान दर्ज कराए जाएंगे और उनसे पूछताछ की जा रही है कि वे बिना बताए ट्रेन से बेगूसराय क्यों चली गई थीं। कागजी औपचारिकताएं और पूछताछ पूरी होने के बाद प्रज्ञा को उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया जाएगा।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Site designed and maintained by Lalit Rastogi