पीलीभीत। भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने जनपद की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हुंकार भरी है। जिला अध्यक्ष भजनलाल क्रोधी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जनता से जुड़ी बुनियादी समस्याओं और विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगी, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। यूनियन ने मुख्य रूप से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष जताते हुए आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटरों की धांधली के कारण उपभोक्ताओं को भारी-भरकम और त्रुटिपूर्ण बिलों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने मांग की है कि इन विवादित मीटरों को हटाकर पुनः पुराने पोस्टपेड मीटर लगाए जाएं, अन्यथा किसान खुद मीटर उखाड़कर अधिशासी अभियंता कार्यालय में जमा करने को मजबूर होंगे।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रशासन को घेरते हुए यूनियन ने पंचायती राज विभाग और डीपीआरओ कार्यालय की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायतों में आवास और शौचालय निर्माण के नाम पर भारी लूट मची है और शिकायतों के बावजूद जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति कर जनता को गुमराह किया जा रहा है। इसके साथ ही, संगठन ने शिक्षा के व्यवसायीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस और महंगी किताबों पर अंकुश लगाने की मांग की। किसानों का कहना है कि सरकारी और निजी स्कूलों में एक समान पाठ्यक्रम लागू होना चाहिए ताकि गरीब बच्चों को भी शिक्षा के समान अवसर मिल सकें। अल्टीमेटम देते हुए संगठन ने कहा कि यदि इन समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो होने वाले किसी भी जनांदोलन की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष संचित दीक्षित, जिला उपाध्यक्ष बाबूराम वर्मा, जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश राजपूत, जिला महासचिव रघुवर सिंह, जिला मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र गुप्ता सहित नंद किशोर राठौर और राम गोपाल प्रजापति मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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