बरेली | उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट (PCS) अलंकार अग्निहोत्री द्वारा अचानक इस्तीफा दिए जाने के बाद जिले का माहौल गरमा गया है। सोमवार को उनके आवास पर समर्थकों का तांता लग गया, जहाँ लोगों ने न केवल उनके इस साहसी कदम की सराहना की, बल्कि यूजीसी (UGC) के नए नियमों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन भी किया।

समर्थन में अनोखा विरोध प्रदर्शन

इस्तीफे की खबर मिलते ही ब्राह्मण समाज और विभिन्न हिंदू संगठनों के लोग भारी संख्या में सिटी मजिस्ट्रेट के आवास पर एकत्र होने शुरू हो गए। इस दौरान विरोध की एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने सभी को चौंका दिया। एक युवक ने यूजीसी (UGC) के विरोध में सार्वजनिक रूप से अपने कपड़े उतार दिए और अर्धनग्न होकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी का कहना है कि वे अधिकारी के स्वाभिमान और धर्म की रक्षा के लिए उनके साथ खड़े हैं।

क्यों दिया इस्तीफा?

2016 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने जिलाधिकारी को भेजे अपने 5 पन्नों के त्यागपत्र में दो प्रमुख कारणों का उल्लेख किया है:

  1. शंकराचार्य अपमान प्रकरण: प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों के साथ हुई कथित बदसलूकी (चोटी खींचने की घटना) से वे आहत थे।
  2. UGC रेगुलेशन 2026: उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को भेदभावपूर्ण बताते हुए इसे सामाजिक ढांचे के लिए खतरा करार दिया है।

‘कुर्सी से बड़ा है स्वधर्म’

अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि यह उनकी “अंतरात्मा की आवाज” है। उन्होंने लिखा कि पद और सत्ता से ऊपर उनका स्वधर्म और स्वाभिमान है, जिससे वे समझौता नहीं कर सकते।

प्रशासनिक हलकों में खलबली

गणतंत्र दिवस के दिन एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का इस तरह से इस्तीफा देना उत्तर प्रदेश शासन के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल, बरेली के जिला प्रशासन ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से सिटी मजिस्ट्रेट आवास के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।


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