सितारगंज। श्रावण मास में गौमुख और हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों के सितारगंज पहुंचते ही पूरा क्षेत्र बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। क्षेत्रवासियों ने जगह-जगह कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कांवड़ियों के स्वागत के लिए कई स्थानों पर भंडारे भी लगाए गए। देर शाम शिवभक्त जलाभिषेक के लिए झारखंडेश्वर शिव मंदिर झाड़ी और बघौरा शिव मंदिर के लिए रवाना हुए।
श्रावण मास में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्त गौमुख और हरिद्वार से गंगाजल लेने गए थे। सोमवार को गंगाजल लेकर कांवड़ियों के सितारगंज लौटने पर जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। कांवड़ियों के पहुंचने पर माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया। परिवार के सदस्य और मित्र भी अपने-अपने कांवड़ियों के स्वागत के लिए पहुंचे।
कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट रहा। कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए कई स्थानों पर वाहनों को डायवर्ट किया गया, ताकि कांवड़ियों को आवागमन में परेशानी न हो।

पुष्पवर्षा कर किया स्वागत, लगाए भंडारे
सितारगंज। कांवड़ियों के स्वागत के लिए नगर और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों को भोजन, जल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं। कांवड़ियों के गुजरने के दौरान लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया और हर-हर महादेव के जयकारे लगाए।

देर रात तक मंदिरों में गूंजे भजन-कीर्तन
सितारगंज। देर शाम कांवड़िये गंगाजल लेकर झारखंडेश्वर शिव मंदिर झाड़ी और बघौरा शिव मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में शिवभक्तों की भीड़ जुटी रही। देर रात तक शिव जागरण, भजन-कीर्तन और जयकारों का दौर चलता रहा। श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए। मंदिरों में भंडारे का भी आयोजन किया गया।
मंत्रोच्चार के बीच होगा जलाभिषेक
सितारगंज। कांवड़िये मंगलवार तड़के अपने परिजनों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक करेंगे। जलाभिषेक को लेकर मंदिर समितियों की ओर से भी व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं में जलाभिषेक को लेकर खासा उत्साह है।