चमोली/जोशीमठ (21 अप्रैल, 2026): विश्व प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। मंगलवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों और जय बद्री विशाल के नारों के बीच नरसिंह मंदिर, ज्योतिर्मठ से भगवान बद्री विशाल की उत्सव डोली धाम के लिए रवाना हो गई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भक्तिमय माहौल के साथ यह यात्रा अब अपने अगले पड़ाव की ओर बढ़ रही है।
विशिष्ट मूर्तियों और गद्दी का प्रस्थान
इस पावन यात्रा में भगवान बद्री विशाल के प्रतिनिधि के रूप में:
- आदिशंकराचार्य की डोली और भगवान गरुड़ जी की मूर्ति को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
- यह उत्सव डोली पांडुकेश्वर के योग-ध्यान बद्री मंदिर में विश्राम करेगी।
- 22 अप्रैल को भगवान के सखा उद्धव जी और कुबेर जी की गद्दी भी मुख्य धाम पहुँच जाएगी, जिसके बाद कपाट खुलने की अंतिम तैयारी पूरी होगी।
23 अप्रैल को होगा ‘ब्रह्म मुहूर्त’ में प्रवेश
23 अप्रैल 2026 की सुबह शुभ मुहूर्त में बद्रीनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इस अवसर पर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) और चमोली प्रशासन ने सुरक्षा व सुगम दर्शन के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं।
श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब
डोली प्रस्थान के समय पूरे जोशीमठ में उत्सव जैसा माहौल दिखा। स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों ने फूलों की वर्षा कर डोली का स्वागत किया। इस बार यात्रा मार्ग पर विशेष व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।