नई दिल्ली | पाकिस्तान समर्थित नशीले पदार्थों की तस्करी और सीमा पार आतंकवाद (नारको-टेररिज्म) के खिलाफ राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) को एक बहुत बड़ी सफलता मिली है। एनआईए ने ड्रग्स और आतंकवाद से जुड़े मामलों में लंबे समय से वांछित मुख्य आरोपी इकबाल सिंह उर्फ शेरा को बुधवार को पुर्तगाल से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित (Extradited) कराकर गिरफ्तार कर लिया है।
दिल्ली एयरपोर्ट पहुँचते ही शिकंजे में आया ‘शेरा’
- त्वरित कार्रवाई: पुर्तगाल से वापस दिल्ली लाए जाने के तुरंत बाद इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मौजूद एनआईए की एक विशेष टीम ने शेरा को अपनी कस्टडी में ले लिया।
- 2020 से था फरार: सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि आरोपी इकबाल सिंह उर्फ शेरा साल 2020 में भारतीय जांच एजेंसियों को चकमा देकर देश से भाग गया था और पुर्तगाल में छिपकर रह रहा था।
पाकिस्तान समर्थित सिंडिकेट का पर्दाफाश
- क्रॉस-बॉर्डर नेटवर्क: एनआईए के अनुसार, शेरा का सफल प्रत्यर्पण और उसकी गिरफ्तारी पाकिस्तान से संचालित होने वाले ड्रग्स और आतंकी फंडिंग नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
- टेरर फंडिंग का आरोप: शेरा पर आरोप है कि वह पाकिस्तान से ड्रोन और अन्य माध्यमों के जरिए भारत आने वाली हेरोइन व अन्य नशीले पदार्थों की खेप को ठिकाने लगाता था और उससे मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों के लिए करता था।
अंतर्राष्ट्रीय समन्वय से मिली सफलता
यह बड़ी कामयाबी इंटरपोल (Interpol), विदेश मंत्रालय (MEA) और पुर्तगाली अधिकारियों के बीच हुए कड़े कानूनी और राजनयिक तालमेल के बाद हासिल हुई है। एनआईए अब आरोपी को विशेष अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि पंजाब और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय उसके सहयोगियों और स्लीपर सेल्स के बारे में विस्तृत पूछताछ की जा सके।