गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जनपद में प्रतिबंधित और नकली नशीली दवाओं के अवैध व्यापार के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। नारकोटिक्स विभाग की 6 विशेष टीमों द्वारा गठित संयुक्त बल ने एक व्यापक खुफिया इनपुट के आधार पर जिले के भीतर संचालित हो रहे अवैध नशीली दवाओं के एक बड़े नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है। इस संयुक्त महा-अभियान के दौरान अधिकारियों ने कुल 1.13 करोड़ रुपये की अनुमानित बाजार मूल्य वाली भारी मात्रा में नकली नशीली दवाएं और प्रतिबंधित औषधियां बरामद कर सीज की हैं। इस बड़ी सफलता के बाद जिले के दवा कारोबारियों और अवैध ड्रग सिंडिकेट के भीतर हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है।
नारकोटिक्स विभाग और पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से साझा किए गए आधिकारिक विवरण के अनुसार, यह बड़ा खुलासा पिछले 3 दिनों से जिले के विभिन्न चिन्हित ठिकानों पर लगातार चली मैराथन छापेमारी और सर्च ऑपरेशन के बाद हुआ है। जांच दल ने कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में बिना किसी वैध लाइसेंस और बिना वैधानिक दस्तावेजों के चोरी-छिपे संचालित किए जा रहे 3 अवैध गोदामों को रंगेहाथों पकड़ा, जिनके भीतर इन नकली नशीली दवाओं का अवैध भंडारण किया गया था। मौके से पुलिस टीम ने एक आरोपी शिवम कसौधन को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस पूरे अवैध नेटवर्क का मुख्य आरोपी अमन कसौधन छापेमारी की भनक लगते ही मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
इस संवेदनशील मामले की वैज्ञानिक और विधिक पुष्टि के लिए अधिकारियों ने ज़ब्त किए गए भारी जखीरे में से 19 महत्वपूर्ण दवाओं के संदिग्ध नमूनों (सैंपल्स) को कलेक्ट कर परीक्षण के लिए राजकीय ड्रग्स लैबोरेटरी (प्रयोगशाला) भेज दिया है। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन के आदेशानुसार बिना लाइसेंस संचालित हो रहे उन तीनों अवैध गोदामों को पूरी तरह से सील (सीज) कर दिया गया है। पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्त शिवम कसौधन और फरार मुख्य अभियुक्त अमन कसौधन के खिलाफ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम की सुसंगत और गंभीर धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है और मामले के सभी कड़ियों की सघनता से जांच की जा रही है।