आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद में अपराधियों और अवैध शराब के तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान आगरा पुलिस को एक बहुत बड़ी और अनोखी सफलता हाथ लगी है। आगरा पुलिस की विशेष चेकिंग टीम ने कूटनीतिक घेराबंदी करते हुए आपातकालीन चिकित्सा सेवा में प्रयुक्त होने वाली एक एंबुलेंस कार के भीतर छिपाकर ले जाई जा रही अवैध शराब की तस्करी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक विधिक जानकारी के अनुसार, तस्कर पुलिस और आबकारी विभाग की नाकाबंदी से बचने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपना रहे थे, जिसे पुलिस की मुस्तैदी ने समय रहते नाकाम कर दिया है।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने विवरण साझा करते हुए बताया कि इस अवैध नेटवर्क के तहत शराब से भरी एंबुलेंस को सुरक्षित पार कराने के लिए एक मॉडिफाइड ब्लैक थार (Black Thar) गाड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा था। यह ब्लैक थार गाड़ी एंबुलेंस के आगे-आगे चलकर उसे बकायदा पायलट करती थी और सुरक्षा प्रदान करती थी, ताकि आगे लगे पुलिस नाकों की सूचना एंबुलेंस चालक तक पहले पहुंच सके। इसके अतिरिक्त, यदि मार्ग में कहीं पुलिस चेकिंग के लिए गाड़ी रोकती थी, तो एंबुलेंस के भीतर सवार लोग किसी मरीज की हालत अत्यधिक गंभीर और नाजुक होने का झूठा दिखावा और नाटक करते थे, ताकि सहानुभूति के आधार पर पुलिस उन्हें बिना जांच किए तुरंत छोड़ दे।
परंतु जब आगरा पुलिस ने हाईवे पर घेराबंदी कर उक्त एंबुलेंस को रोककर उसके पिछले दरवाजे को खुलवाया, तो गहन तलाशी के दौरान यह प्रमाणित हुआ कि एंबुलेंस के भीतर किसी मरीज या चिकित्सा उपकरण के स्थान पर अवैध शराब की पेटियां भारी मात्रा में ठसाठस लादकर छिपाई गई थीं। पुलिस ने इस पूरे गैर-कानूनी कृत्य को गंभीरता से लेते हुए मौके से कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें मुख्य अभियुक्तों के रूप में पंकज, रोहित, संदीप और साहिल की शिनाख्त की गई है। पुलिस प्रशासन ने अवैध शराब की पेटियों सहित तस्करी में प्रयुक्त हो रही एंबुलेंस और ब्लैक थार गाड़ी को विधिक रूप से सीज कर अपने कब्जे में ले लिया है, तथा पकड़े गए सभी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित थाने में आबकारी अधिनियम और धोखाधड़ी की संगीन धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की विधिक लिखापढ़ी पूरी कर ली है।