चित्रकूट | धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी चित्रकूट में स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय का 9वां दीक्षांत समारोह सोमवार को बेहद भव्यता के साथ संपन्न हो गया। इस विशेष समारोह में दिव्यांग छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक प्रतिभा और उनके हौसलों का अनूठा उत्सव देखने को मिला, जहाँ हजारों मेधावियों को डिग्रियां और पदक बांटे गए।

2,417 छात्रों को मिली उपाधि, 141 मेधावियों ने जीता सोना

विश्वविद्यालय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न संकायों के कुल 2,417 छात्र-छात्राओं को स्नातक और परास्नातक की उपाधियां प्रदान की गईं। इस मौके पर विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले 141 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक (Gold Medal) देकर नवाजा गया। मेधावियों के मेडल लेते ही पूरा दीक्षांत पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

IAS सुहास एलवाई और मंडलायुक्त अजीत कुमार को मानद डॉक्टरेट

समारोह के दौरान देश-दुनिया में दिव्यांगों का गौरव बढ़ाने वाली दो प्रमुख प्रशासनिक हस्तियों को विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया:

  1. IAS सुहास एलवाई: पैरालंपिक बैडमिंटन पदक विजेता और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुहास एलवाई को उनकी अभूतपूर्व खेल और प्रशासनिक खेल उपलब्धियों के लिए यह मानद उपाधि दी गई।
  2. अजीत कुमार: चित्रकूट धाम मंडल के वर्तमान मंडलायुक्त अजीत कुमार को भी लोक सेवा और कुशल प्रशासनिक प्रबंधन के लिए मानद उपाधि से अलंकृत किया गया।

राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने बढ़ाया दिव्यांगों का हौसला

इस गरिमामयी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। छात्रों को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग बच्चे समाज की मुख्यधारा का अहम हिस्सा हैं और उनकी प्रतिभा किसी से कम नहीं है। उन्होंने योगी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए पास आउट होने वाले सभी छात्र-छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और देश के विकास में योगदान देने की शुभकामनाएं दीं।


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