विधि संवाददाता, पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) गीता सिंह की अदालत ने वाहन चोरी कर आर्थिक लाभ कमाने वाले गिरोह के सदस्य विवेक परिहार उर्फ बाबा को दोषी करार देते हुए दो वर्ष, ग्यारह माह और 18 दिन के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार शुक्ल द्वारा की गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 14 मई 2022 को थाना दियोरिया कला के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ संदिग्ध अपराधियों की चेकिंग में क्षेत्र में मौजूद थे। जांच के दौरान जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदित गैंग चार्ट के अवलोकन से पता चला कि प्रवीन नामक व्यक्ति ने एक संगठित गिरोह बना रखा है, जिसका सक्रिय सदस्य विवेक परिहार (निवासी झनकइया, खटीमा, ऊधमसिंह नगर) भी है। यह गैंग वाहन चोरी कर उनकी नंबर प्लेट बदलकर अवैध रूप से बिक्री करता था और अनैतिक रूप से धन अर्जित करता था। क्षेत्र में इनके आतंक के कारण जनता का कोई भी व्यक्ति इनके विरुद्ध गवाही देने का साहस नहीं कर पाता था।
पुलिस द्वारा न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान आरोपित विवेक परिहार उर्फ बाबा ने न्यायालय के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार करते हुए ‘जुर्म इकबाल’ का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने आरोपित के स्वीकारोक्ति और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी पाते हुए कारावास और आर्थिक दंड से दंडित करने का आदेश जारी किया।