नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना-2026 को अधिसूचित कर दिया है। नई योजना 29 जून से प्रभावी हो गई है और यह वर्ष 1952 की कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना का स्थान लेगी।
सरकार के अनुसार, नई योजना का उद्देश्य डिजिटल अनुपालन को मजबूत करना, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, खातों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाना तथा भविष्य निधि व्यवस्था को नए श्रम कानूनों के अनुरूप तैयार करना है।
नई व्यवस्था में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अनिवार्य ईपीएफ अंशदान वेतन का 12 प्रतिशत ही रहेगा। वहीं, केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित प्रतिष्ठानों के लिए मौजूदा 10 प्रतिशत अंशदान की व्यवस्था यथावत लागू रहेगी।
योजना में आंशिक निकासी के नियमों को भी अद्यतन किया गया है। इसके अलावा पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग, ऑनलाइन क्लेम, ई-पासबुक और यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) आधारित सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।