सोनभद्र। आज के दौर में जहाँ शादियों में महंगी लग्जरी कारों और हेलीकॉप्टर का क्रेज बढ़ता जा रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में एक दूल्हे ने अपनी पुरानी परंपराओं को जीवंत कर मिसाल पेश की है। दुद्धी क्षेत्र के हरपुरा गांव से निकली एक बारात इन दिनों पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि यहाँ दूल्हा कार छोड़कर पालकी में सवार होकर अपनी दुल्हनिया लेने निकला।
✨ परंपरा और सादगी की अनोखी मिसाल
हरपुरा गांव निवासी दूल्हे ने जब अपनी शादी के लिए पालकी का चुनाव किया, तो ग्रामीण और बाराती भी हैरान रह गए। दूल्हे का मानना है कि आधुनिकता की चकाचौंध में हम अपनी समृद्ध संस्कृति और विरासत को भूलते जा रहे हैं। पालकी में बैठकर बारात निकालने का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी पुरानी परंपराओं से रूबरू कराना है।
🚶 रास्ते भर बारात देखने उमड़ी भारी भीड़
जैसे ही यह अनोखी बारात हरपुरा गांव से निकली, रास्ते भर लोग इसे देखने के लिए जमा हो गए। ढोल-नगाड़ों की थाप और पारंपरिक गीतों के बीच पालकी में सवार दूल्हा आकर्षण का केंद्र बना रहा। बारात जिस भी रास्ते से गुजरी, लोग रुक-रुक कर फोटो और वीडियो बनाने लगे। सोशल मीडिया पर भी इस ‘देसी बारात’ की तस्वीरें जमकर वायरल हो रही हैं।
बुजुर्गों की आंखों में आई चमक
गांव के बुजुर्गों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दशकों पहले इसी तरह पालकी में बारातें जाती थीं। दूल्हे के इस कदम ने पुराने दिनों की यादें ताजा कर दी हैं। बिना किसी शोर-शराबे और फिजूलखर्ची के निकली इस बारात ने सादगी का बड़ा संदेश दिया है।
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