उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के माध्यमिक शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपये के एरियर और बोनस भुगतान घोटाले मामले में जांच टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय के लिपिक (बाबू) सागर कपूर और एम.आर.आर.एस. (MRRS) इंटर कॉलेज के प्रधान लिपिक अमित कुमार मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। डीआईओएस उन्नाव सुनील दत्त की जांच टीम द्वारा इस भारी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि किए जाने के बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया है।
ट्रेजरी से ट्रांसफर किए ₹2.67 करोड़, मिलीभगत से हुआ खेल
जांच में सामने आया है कि दोनों बाबुओं ने आपस में मिलीभगत कर सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाई। आरोपियों ने ट्रेजरी (कोषागार) से एरियर और बोनस भुगतान के नाम पर ₹2.67 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम धनराशि अवैध रूप से ट्रांसफर कराई। इस फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी धन का सीधा बंदरबांट किया गया और नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों का भ्रष्टाचार अंजाम दिया गया।
प्रधान लिपिक के खाते में संदिग्ध ₹51 लाख बरामद
इस पूरे घोटाले का मुख्य जरिया एमआरआरएस इंटर कॉलेज के प्रधान लिपिक अमित कुमार मिश्रा का बैंक खाता बना, जिसमें करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए थे। शुरुआती जांच में उनके निजी बैंक खाते में ₹51 लाख से ज्यादा की धनराशि बेहद संदिग्ध पाई गई है, जिसका कोई कानूनी रिकॉर्ड नहीं है।
जिलाधिकारी (DM) की तीन सदस्यीय कमेटी कर रही है गहन जांच
इस महाघोटाले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) उन्नाव ने एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन किया है। यह कमेटी ट्रेजरी से हुए ट्रांजैक्शन, विभागीय मिलीभगत और इस रैकेट में शामिल अन्य संभावित चेहरों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर शिक्षा विभाग के कुछ और बड़े अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है।