देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में कौशल विकास एवं रोजगार से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में कौशल विकास योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, रोजगार एवं प्लेसमेंट की स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने युवाओं की रुचि और स्थानीय रोजगार की आवश्यकताओं के अनुसार गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास से जुड़े सभी विभाग एक प्लेटफॉर्म पर मिलकर कार्य करें, ताकि युवाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। प्रदेश को स्किल हब बनाने के लिए सचिव कौशल विकास को सेतु आयोग की राय और सभी हितधारकों को शामिल करते हुए एक डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए।
सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन श्री सी. रविशंकर ने बताया कि समग्र कौशल विकास के लिए स्कूल, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा के सहयोग से उद्योगों के मानकों के अनुसार आईटीआई को अपग्रेड किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 119 आईटीआई क्रियाशील हैं, जबकि 90 आईटीआई को पोर्टल पर मैप किया जा चुका है। टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से आईटीआई में शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग कोर्स भी शुरू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण, भाषा ज्ञान और अन्य आवश्यक दक्षताएं प्रदान करने के लिए तीन एजेंसियों से बातचीत की गई है। वहीं, रोजगार प्रयाग पोर्टल पर निजी नियोक्ताओं का पंजीकरण भी किया जा रहा है। अब तक 162 निजी नियोक्ताओं को पोर्टल से जोड़ा जा चुका है।
बैठक में सेवायोजन विभाग के उच्चाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।