भारतीय रेलवे के यात्रियों के बीच अनधिकृत रूप से सामान बेचना और फेरी लगाना प्रतिबंधित है। यह रेल अधिनियम, 1989 की धारा 144 के तहत दंडनीय अपराध है। ट्रेनों में अनधिकृत विक्रेताओं के प्रवेश को रोकने के लिए नामित अधिकारियों और रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा नियमित निरीक्षण किए जाते हैं। रेलवे परिसर में अनधिकृत बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे और आईआरसीटीसी के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर विशेष अभियान भी चलाए जाते हैं।

ट्रेनों में अधिकृत विक्रेताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए, ट्रेन में खानपान सेवाओं के प्रबंधन हेतु तैनात प्रत्येक विक्रेता/सहायक/कर्मचारी के नाम पर क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र जारी करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह क्यूआर कोड विक्रेता का नाम, आधार नंबर, मेडिकल फिटनेस, पुलिस सत्यापन का विवरण आदि प्रदर्शित करके कर्मचारी की प्रामाणिकता को सुनिश्चित करता है। अनधिकृत बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए अन्य उपायों में खाद्य पैकेटों पर क्यूआर कोड लगाना शामिल है, जिसमें रसोई का नाम और निर्माण की तिथि आदि प्रदर्शित होती है।

गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए निम्नलिखित उपाय किए गए हैं:

● निर्धारित बेस किचन से भोजन की आपूर्ति।

● चिन्हित स्थानों पर आधुनिक बेस किचन की स्थापना।

● भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की बेहतर निगरानी के लिए बेस किचन में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

● खाना पकाने के तेल, आटा, चावल, दालें, मसाला सामग्री, पनीर, डेयरी उत्पाद आदि जैसे लोकप्रिय और ब्रांडेड कच्चे माल का चयन और खाद्य उत्पादन के लिए उनका उपयोग।

● खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता प्रणालियों की निगरानी के लिए मुख्य रसोईघरों में खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षकों की तैनाती।

● ट्रेनों में आईआरसीटीसी के पर्यवेक्षकों की तैनाती।

● बेस किचन और पैंट्री कारों में नियमित रूप से गहन सफाई और समय-समय पर कीट नियंत्रण।

● खाद्य सुरक्षा मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, प्रत्येक खानपान इकाई के नामित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का प्रमाणन अनिवार्य कर दिया गया है।

● ट्रेनों में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और निगरानी प्रणाली के हिस्से के रूप में नियमित रूप से भोजन के नमूने लेना।

● पेंट्री कारों और बेस किचन में भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता की जांच के लिए तृतीय-पक्ष ऑडिट किया जाता है। ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण भी आयोजित किया जाता है।

● खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण।

● आईआरसीटीसी द्वारा खानपान कर्मचारियों के कौशल को बढ़ाने के लिए नियमित प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है, जिसमें ग्राहक सेवा क्षेत्रों जैसे संवाद, विनम्र व्यवहार, सेवा मानक, व्यक्तिगत साज-सज्जा और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।

केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कल लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

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