सितारगंज। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत ग्राम प्रधानों के लिए विशेष प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीएमएस डॉ. कुलदीप सिंह यादव ने ग्राम प्रधानों को टीबी के लक्षण, जांच और उपचार की जानकारी देते हुए ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सोमवार को उप जिला अस्पताल में आयोजित बैठक में डॉ. कुलदीप यादव ने कहा कि लंबे समय तक खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना, कमजोरी, सीने में दर्द अथवा बलगम में खून आना टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान आशा, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ समन्वय कर संभावित मरीजों की पहचान और उन्हें जांच व उपचार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को टीबी के प्रति जागरूक करने तथा बीमारी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने की अपील की। साथ ही टीबी मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने और उन्हें उपचार पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। संवाद
निक्षय मित्र बनने का आह्वान
कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों को निक्षय मित्र पहल की जानकारी दी गई। उनसे स्वयं निक्षय मित्र बनने के साथ ही सक्षम लोगों को भी इस पहल से जोड़ने का आह्वान किया गया। मरीजों के उपचार के दौरान उनके संपर्क में रहने वाले लोगों की स्क्रीनिंग में सहयोग करने और टीबी मरीजों को नियमित उपचार के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी पर भी चर्चा की गई।