विधि संवाददाता,​ पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) अनु सक्सेना की अदालत ने गन्ने के खेत में महिला के साथ मारपीट कर जबरन दुष्कर्म करने के सात वर्ष पुराने मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी चमन सिंह को दोषी करार देते हुए 15 साल की कठोर कारावास की सजा और 21 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन कथानक के अनुसार, मामला थाना जहानाबाद क्षेत्र का है, जहां 15 अगस्त 2019 को एक ग्रामीण अपनी पत्नी के साथ जंगल में घास काटने गया था। पीड़िता जब गांव के ही एक व्यक्ति के खेत में घास काट रही थी और उसका पति करीब 300 मीटर की दूरी पर दूसरे खेत में गन्ने की पत्तियां साफ कर रहा था, तभी एकांत पाकर गांव के ही चमन सिंह ने महिला को जबरन गन्ने के खेत में खींच लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
​पीड़िता द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट भी की थी। महिला की चीख-पुकार सुनकर जब उसका पति मौके पर पहुंचा, तो उसने आरोपी चमन सिंह को रंगे हाथों पकड़ लिया, लेकिन वह किसी तरह हाथ छुड़ाकर मौके से भागने में सफल रहा। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की तहरीर पर जहानाबाद थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की गहन विवेचना की और ठोस सबूतों के साथ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रवि गंगवार ने प्रभावी पैरवी करते हुए वादी (पति) और पीड़िता सहित कई अहम गवाह और साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए। हालांकि बचाव पक्ष के आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने, गवाहों के बयानों और पत्रावली पर उपलब्ध वैज्ञानिक व दस्तावेजी साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन करने के बाद चमन सिंह को कसूरवार पाया और उसे 15 वर्ष की जेल व जुर्माने की सख्त सजा सुनाई।

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