​पीलीभीत। समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार संगठन को जमीनी स्तर पर धार देने के लिए कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में मंगलवार को पीलीभीत जिले के सपा पदाधिकारियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल लखनऊ स्थित पार्टी प्रदेश मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिला। इस शिष्टाचार मुलाकात के दौरान जनपद में संगठन की वर्तमान गतिविधियों, भविष्य की रणनीतियों और जनसंपर्क अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
​ सपा प्रदेश उपाध्यक्ष मौलाना इरफानुल हक कादरी के नेतृत्व में लखनऊ पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को पीलीभीत की मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक स्थिति से अवगत कराया। बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने पीलीभीत के पूर्व जिला पंचायत सदस्य व अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष रियाज़ खांन से विशेष रूप से संवाद किया और जिले की जमीनी परिस्थितियों व जनसमस्याओं का फीडबैक लिया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि आज के दौर में समाजवादी विचारधारा को आम जनता तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पूरी सक्रियता के साथ एकजुट होकर पार्टी की जनहितैषी नीतियों और सिद्धांतों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
​ बैठक में केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों पर चर्चा करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी देश के संविधान की रक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती और सामाजिक समानता के लिए सड़क से लेकर सदन तक लगातार संघर्ष कर रही है। पार्टी का एकमात्र मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार लाना और उसे मुख्यधारा से जोड़कर सशक्त बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठन में अनुशासन और समर्पण सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। वर्ष 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी नई सोच, नए जोश और जनहितकारी प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ रही है।
​ पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल (2012-2017) के दौरान हुए ऐतिहासिक विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा सरकार ने उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को बदलने का काम किया था। उन्होंने याद दिलाया कि उस दौरान प्रदेश में बिजली उत्पादन क्षमता में रिकॉर्ड वृद्धि की गई, देश के सबसे बेहतरीन आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया गया, चिकित्सा शिक्षा को नया आयाम देने के लिए नए मेडिकल कॉलेज खोले गए जिससे एमबीबीएस सीटों में भारी इजाफा हुआ। इसके अलावा लखनऊ सहित कई प्रमुख शहरों में मेट्रो परियोजनाओं की शुरुआत की गई और आईटी सेक्टर में भारी निवेश लाकर युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित किए गए। बैठक के अंत में उन्होंने सभी से जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की अपील की।
​ लखनऊ पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से कुसुमखोर गांव के पूर्व प्रधान नयाब खां, कासिम ख़ान तथा फर्रुखाबाद के जिला महासचिव इलियास मंसूरी सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।

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