मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में राज्य संपत्ति विभाग ने बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह निर्माण परियोजना को गति दे दी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में गुरुवार को राज्य सचिवालय में सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बागेश्वर के ग्राम ठेलापालन में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में परियोजना के प्रस्तुतीकरण के बाद सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत है, इसलिए इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए और निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा हो।

45 नाली भूमि पर विकसित होगा अतिथि गृह
प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह बागेश्वर तहसील के ग्राम ठेलापालन में लगभग 0.900 हेक्टेयर (45 नाली) भूमि पर विकसित किया जाएगा। पर्वतीय जनपदों में सरकारी कार्यक्रमों, वीआईपी आवागमन तथा प्रशासनिक गतिविधियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस अतिथि गृह का निर्माण किया जा रहा है। बैठक में परियोजना का प्रारंभिक खाका प्रस्तुत किया गया, जिसमें भवन की संरचना, आवश्यक सुविधाओं तथा भविष्य में संभावित विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सचिव ने निर्देश दिए कि भवन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाए ताकि यह आने वाले वर्षों की जरूरतों को भी पूरा कर सके।

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनेगी डीपीआर
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, बागेश्वर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीपीआर में पर्याप्त संख्या में अतिथि कक्ष, बैठक कक्ष, प्रशासनिक कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया जाए। उन्होंने कहा कि भवन केवल वर्तमान जरूरतों के लिए नहीं बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना का प्रत्येक पहलू तकनीकी मानकों के अनुरूप हो तथा निर्माण गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। डीपीआर को शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।

पार्किंग और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर
बैठक के दौरान सचिव ने प्रस्तावित परिसर में पार्किंग क्षमता बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में अतिथि गृह में बढ़ने वाली गतिविधियों को देखते हुए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था आवश्यक होगी। इसके साथ ही भवन में आवश्यक फर्नीचर, विद्युत उपकरण तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को भी डीपीआर में शामिल करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी व्यवस्थाएं मितव्ययता के सिद्धांतों के अनुरूप हों, ताकि सरकारी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

सभी आवश्यक अनुमतियां साथ लगाने के निर्देश
सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीपीआर के साथ स्थल चयन समिति की रिपोर्ट तथा संबंधित जिला प्राधिकरण से प्राप्त ले-आउट स्वीकृति एवं अन्य आवश्यक अनुमोदन भी संलग्न किए जाएं। इससे परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होगा और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के सभी दस्तावेज तकनीकी और प्रशासनिक दृष्टि से पूर्ण होने चाहिए ताकि शासन स्तर पर निर्णय लेने में आसानी हो।

उच्चस्तरीय अधिकारियों ने लिया भाग
बैठक में शासन स्तर से अपर सचिव एवं राज्य सम्पत्ति अधिकारी लक्ष्मण सिंह, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं कार्यदायी संस्था की ओर से प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग बागेश्वर के अधिशासी अभियंता इंजी. एस.के. पाण्डे और सहायक अभियंता इंजी. तनीशा पांगती ने परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विकासपरक सोच के अनुरूप बागेश्वर में बनने वाला यह राज्य अतिथि गृह न केवल प्रशासनिक गतिविधियों को नई सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि जिले में आने वाले विशिष्ट अतिथियों और अधिकारियों के लिए भी आधुनिक एवं सुव्यवस्थित आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। सरकार की प्राथमिकता है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हो और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

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