देहरादून। वन विभाग में जून 2026 में जारी स्थानांतरण आदेशों की अनुपालना नहीं करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर अब सख्ती की तैयारी है। रेंजर, डिप्टी रेंजर, वन दरोगा, वन आरक्षी और मिनिस्ट्रियल संवर्ग के कई कार्मिक स्थानांतरण आदेश जारी होने के ढाई से तीन महीने बाद भी नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाए हैं। कुछ कार्मिक लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात बताए जा रहे हैं।
स्थानांतरण अधिनियम-2017 के तहत जारी आदेशों के बावजूद कार्यभार ग्रहण नहीं किए जाने को लेकर विभागीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतों के बाद मामला HoFF (हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स) के संज्ञान में आया है। HoFF ने स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण आदेशों की अनुपालना हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।
संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को 30 सितंबर 2026 तक नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी आदेशों का पालन नहीं करने पर वेतन रोकने समेत विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। किसी भी कार्मिक को स्थानांतरण आदेश से बचने के लिए एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी DFO/DDO के स्तर से स्थानांतरण आदेशों की अनुपालना में लापरवाही या संरक्षण की बात सामने आती है तो उनकी भूमिका की भी जांच कर जवाबदेही तय की जाएगी।
अब 30 सितंबर के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्थानांतरण आदेशों का पालन नहीं करने वाले कार्मिकों और उनकी मदद करने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभाग क्या कार्रवाई करता है।