विधि संवाददाता,​ पीलीभीत। जनपद न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार डूंगराकोटी ने रेलवे में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो अभियुक्तों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए दोनों आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त करने का आदेश सुनाया। यह मामला थाना अमरिया क्षेत्र के ग्राम भूड़ा निवासी राजकुमार द्वारा दर्ज कराई गई तहरीर से जुड़ा है, जिसमें रेलवे में नियुक्ति दिलाने के नाम पर कुल 18 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया था।
​उल्लेखनीय है कि इस धोखाधड़ी के संबंध में नवंबर माह में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा की गई गहन विवेचना के बाद जनवरी माह में इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। जेल में निरुद्ध आरोपियों में से रामा यादव (पुत्र रघुवीर यादव, निवासी करजाहा बहरामपुर, गोरखपुर) और कमलेश कुमार (पुत्र रामेश्वर, निवासी आलमखेड़ा, बांदा) ने न्यायालय में जमानत के लिए गुहार लगाई थी।
​सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं और अभियोजन पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद, न्यायाधीश ने माना कि सरकारी नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करना एक गंभीर अपराध है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत अभियुक्तों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद धोखाधड़ी के शिकार हुए अन्य पीड़ितों और स्थानीय लोगों ने न्यायपालिका के प्रति संतोष व्यक्त किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *