रूद्रपुर। ऊधम सिंह नगर के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) दिवेश शाशनी की अध्यक्षता में विकास भवन में बाल कल्याण समिति के कार्यों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल अधिकारों के संरक्षण, शिक्षा से वंचित बच्चों और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर लगाम लगाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।

ईंट-भट्टों का होगा औचक निरीक्षण, बच्चों को मिलेगी शिक्षा

मुख्य विकास अधिकारी ने बाल कल्याण समिति को निर्देशित किया कि जिले में संचालित विभिन्न ईंट-भट्टों का सघन निरीक्षण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईंट-भट्टों पर काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाए और वहां उनकी पढ़ाई की अनिवार्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

ड्रॉप आउट बच्चों और बाल विवाह के हॉटस्पॉट्स होंगे चिन्हित

सीडीओ दिवेश शाशनी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) और सहायक श्रम आयुक्त को एक संयुक्त कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पढ़ाई छोड़ चुके (ड्रॉप आउट) बालकों और बालिकाओं के क्षेत्रों (हॉटस्पॉट्स) की पहचान की जाए और उनके दोबारा पुनर्वासन व शिक्षा के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाए। इसके साथ ही, जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता रोस्टर जारी करने और बाल विवाह के प्रति संवेदनशील हॉटस्पॉट्स को चिन्हित करने के कड़े निर्देश दिए।

स्कूलों में चलेगा ‘गुड टच-बैड टच’ अभियान; अप्रैल-मई में रोके गए 4 बाल विवाह

बैठक में सीडीओ ने बच्चों की सुरक्षा के लिए विभिन्न विद्यालयों में ‘गुड टच-बैड टच’ (Good Touch Bad Touch) विषय पर निरंतर जागरूकता अभियान आयोजित करने को कहा। समीक्षा के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी ने अवगत कराया कि विभाग पूरी तरह मुस्तैद है और चालू माह अप्रैल तथा मई में मुस्तैदी दिखाते हुए 4 बाल विवाह रुकवाए गए हैं। साथ ही विभिन्न स्कूलों में जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉक्टर रत्नेश, समिति के सदस्य चंद्रकला राय, गौरव टागरा, उमेश सिंह, जितेंद्र कुमार और चाइल्ड हेल्पलाइन कॉर्डिनेटर चांदनी सहित कई अन्य विभागीय कर्मचारी व अधिकारी उपस्थित रहे।


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