रुद्रपुर। विदेश में नौकरी दिलाने और वर्क परमिट पर दुबई भेजने का झांसा देकर दो लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में रुद्रपुर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कार्यालय से 61 पासपोर्ट, एक डायरी और .32 बोर का एक अवैध पिस्टल बरामद किया गया है। मामले में पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, वार्ड नंबर 21 निवासी मुजाहिद ने आरोप लगाया कि प्रीत विहार निवासी अलीम खान ने आवास विकास क्षेत्र में स्थित अपने कार्यालय ‘जेड ग्लोबल’ के माध्यम से उसे दुबई में नौकरी दिलाने और वर्क परमिट पर विदेश भेजने का भरोसा दिया था। वादी का कहना है कि आरोपी की बातों पर विश्वास करके उसने अपनी मोटरसाइकिल और जेवर बेचकर कुल दो लाख रुपये दिए।
वर्क परमिट के बजाय विजिटर वीजा पर भेजने का आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसे वर्क परमिट के स्थान पर विजिटर वीजा पर दुबई भेज दिया गया। आरोप है कि वीजा को एडिट करके वर्क वीजा जैसा दिखाया गया था। दुबई पहुंचने पर उसे वीजा की वास्तविक स्थिति का पता चला, जिसके बाद उसे वहां कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और जुर्माना भी भरना पड़ा। इसके बाद वह किसी तरह भारत वापस लौटा।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि भारत लौटने के बाद रकम वापस मांगने पर आरोपी ने अलग-अलग तारीखों में केवल 30 हजार रुपये लौटाए। शेष एक लाख 70 हजार रुपये देने से इनकार कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है। उसने अन्य लोगों के साथ भी विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर इसी तरह की धोखाधड़ी होने की बात कही है।
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर कोतवाली रुद्रपुर में एफआईआर संख्या 579/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान साक्ष्य जुटाने के बाद उपनिरीक्षक धीरज टम्टा के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी अलीम खान (करीब 29 वर्ष), निवासी प्रीत विहार, रुद्रपुर को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी का आवास विकास क्षेत्र में ‘जेड ग्लोबल’ नाम से कार्यालय है। कार्रवाई के दौरान वहां से 61 पासपोर्ट, एक डायरी और .32 बोर का एक पिस्टल बरामद किया गया। पुलिस ने बरामद पासपोर्ट और डायरी को विधिक प्रक्रिया के तहत कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है।
आर्म्स एक्ट और इमिग्रेशन एक्ट की धाराएं भी जोड़ीं
पुलिस के मुताबिक, बरामदगी और विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 और इमिग्रेशन एक्ट की धारा 10/24 भी जोड़ी गई हैं। इसके अलावा, आरोपी के कब्जे से संबंधित बताई गई होंडा एक्टिवा स्कूटी संख्या UK06BG3430 को मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सीज किया गया है।
पुलिस अब बरामद पासपोर्टों, डायरी में दर्ज विवरण, वीजा और विदेश भेजने की प्रक्रिया की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कितने लोगों से संपर्क किया गया और क्या अन्य लोग भी इस मामले से प्रभावित हुए हैं।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक धीरज टम्टा, उपनिरीक्षक नरेश पंत, हेड कांस्टेबल राजकुमार और कांस्टेबल महेंद्र कुमार शामिल रहे।