रुद्रपुर | ऊधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय गणपति के निर्देशों पर पंतनगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मात्र 48 घंटे के भीतर वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की 6 मोटरसाइकिलें और 1 स्कूटी (कुल 7 दो-पहिया वाहन) बरामद किए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए दोनों आरोपी अच्छे खासे पढ़े-लिखे और कामकाजी युवा हैं।
सिडकुल सिटी पार्क के पास से हुई गिरफ्तारी
पंतनगर कोतवाली और सिडकुल पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर 13 मई 2026 की रात को सिडकुल सिटी पार्क के बाहर घेराबंदी की। यहाँ से पुलिस ने दो संदिग्धों को दबोचा, जिनकी निशानदेही पर चोरी के 7 वाहन बरामद हुए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- भोला सरकार (उम्र 22 वर्ष), निवासी ठाकुरनगर (वार्ड नंबर-10), थाना ट्रांजिट कैम्प, ऊधमसिंहनगर।
- विक्की विश्वास (उम्र 22 वर्ष), निवासी वार्ड नंबर-11 खेड़ा, थाना रुद्रपुर, ऊधमसिंहनगर।
मॉल और जिला अस्पताल को बनाते थे निशाना
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में कुबूल किया है कि उन्होंने बहुत कम समय में भारी आर्थिक लाभ (जल्दी अमीर बनने) कमाने के उद्देश्य से इन घटनाओं को अंजाम दिया। वे मुख्य रूप से रुद्रपुर के व्यस्त और सार्वजनिक स्थलों को निशाना बनाते थे, जिनमें शामिल हैं:
- मेट्रोपोलिस मॉल, रुद्रपुर
- जिला चिकित्सालय (रुद्रपुर हॉस्पिटल) और अन्य सार्वजनिक पार्किंग स्थल।
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने वाहन तो चोरी कर लिए थे, लेकिन उन पर नंबर प्लेट न होने और कागजात की कमी के कारण वे इन्हें आगे बेच नहीं पाए थे और किसी सही ग्राहक की तलाश में थे।
आरोपियों का बैकग्राउंड देखकर पुलिस भी हैरान
दोनों वाहन चोरों की शैक्षणिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि जानकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। दोनों आरोपी तकनीकी रूप से शिक्षित हैं:
- आरोपी भोला सरकार ‘दी मेडिसिटी हॉस्पिटल’ से रेडियोलॉजी में ग्रेजुएशन (पैरामेडिकल की पढ़ाई) कर रहा है।
- आरोपी विक्की विश्वास रुद्रपुर की प्रसिद्ध ‘चीमा पैथोलॉजी लैब’ में काम करता है।
सफलता पाने वाली पुलिस टीम
इस त्वरित और सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में सिडकुल चौकी प्रभारी हेमंत कठैत, उपनिरीक्षक (उ0नि0) अनिल सिंह मेहता, पंतनगर कोतवाली के उ0नि0 पंकज सिंह मेहर, हेड कांस्टेबल हरीश सिंह बिष्ट और कांस्टेबल नितिन कुमार शामिल रहे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।