पीलीभीत। शहर के व्यस्त रिहायशी इलाके लाल रोड के समीप मोहल्ला खुशीमल में जुम्मा अंसारी के मकान में
संचालित नमकीन कारखाने में मंगलवार सुबह भीषण आग लग गई। घर के भीतर अवैध रूप से चल रहे इस कारखाने में आग की लपटें देख पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुँची और स्थानीय निवासियों के सहयोग से कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन लाखों रुपये का माल और मशीनें जलकर खाक हो गईं।
कारखाने में काम करने वाले कारीगरों के अनुसार, कार्य के दौरान भट्टी के नीचे एक चिंगारी रह गई थी। हवा के झोंके के साथ इस चिंगारी ने पास में ही रखे एलपीजी सिलेंडर और तेल के पीपों को अपनी चपेट में ले लिया। ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी फैक्ट्री धुएं के गुबार में घिर गई। कारखाने में रखा तैयार माल, कच्चा माल और कीमती तेल पूरी तरह नष्ट हो गया है।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि सुबह लगभग 11 बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। तंग गली और रिहायशी इलाका होने के कारण दमकल की गाड़ियों को पहुँचने में कठिनाई हुई, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए आग को आसपास के घरों में फैलने से रोक लिया। अधिकारी ने पुष्टि की कि घर के भीतर ही नमकीन बनाने का कारोबार अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।
इस घटना ने एक बार फिर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित हो रहे कारखानों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है। बिना किसी सुरक्षा मानकों और फायर क्लीयरेंस के चल रहे इन कारखानों के कारण पड़ोस में रहने वाले लोगों के जीवन पर भी संकट बना रहता है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन अब इस मामले की जांच कर रहे हैं कि बिना अनुमति के रिहायशी इलाके में इस प्रकार की गतिविधियों का संचालन कैसे हो रहा था।
