चंडीगढ़/हरियाणा। हरियाणा में कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के साथ हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के निजी सचिव (पर्सनल सेक्रेटरी) कनिष्क सिंह का फर्जी नाम इस्तेमाल कर कांग्रेस नेता को अपने जाल में फंसाया और उनसे ₹10 लाख रुपये की मोटी रकम ठग ली। इस वारदात के बाद से न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में बल्कि पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है।
पार्टी मामलों और फंड का झांसा देकर फंसाया
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ठग ने कांग्रेस नेता को फोन कर खुद का परिचय राहुल गांधी के सचिव कनिष्क सिंह के रूप में दिया। कॉल करने वाले ने बेहद पेशेवर अंदाज में पार्टी के कुछ अंदरूनी मामलों और आपातकालीन फंड की जरूरत का हवाला देते हुए नेता से तुरंत पैसों की मांग की। राहुल गांधी के करीबी का नाम सुनकर और बात करने के लहजे से कांग्रेस नेता झांसे में आ गए। उन्होंने बिना किसी शक के बताए गए बैंक खातों में कुल 10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
सच्चाई सामने आते ही उड़े होश
पैसे ट्रांसफर करने के कुछ समय बाद जब कांग्रेस नेता ने पार्टी के आलाकमान और कनिष्क सिंह के वास्तविक कार्यालय से इस संबंध में संपर्क किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें बताया गया कि राहुल गांधी के कार्यालय या कनिष्क सिंह की तरफ से ऐसी कोई कॉल या पैसों की मांग नहीं की गई थी। ठगे जाने का अहसास होते ही पीड़ित नेता ने तुरंत मामले की शिकायत पुलिस और साइबर क्राइम सेल को दर्ज कराई।
साइबर सेल और पुलिस जांच में जुटी
हाई-प्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की टीम उन बैंक खातों की डिटेल्स खंगाल रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे, साथ ही जिस मोबाइल नंबर से कॉल आई थी उसकी लोकेशन और सीडीआर (Call Detail Record) को भी ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी बेहद शातिर हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।