मुंबई/ठाणे: महाराष्ट्र के तटीय जिलों में मानसून की भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित आसपास के इलाकों में रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई है। पिछले चार दिनों के भीतर मुंबई में कुल 588 मिलीमीटर (mm) बारिश हो चुकी है, जो जुलाई महीने में होने वाली सामान्य बारिश का अकेले 74 प्रतिशत है। मौसम की इस भयावह स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मुंबई और ठाणे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
24 घंटे में विक्रोली सबसे प्रभावित, समंदर में हाई टाइड का खतरा
मुंबई के उपनगर विक्रोली (Vikhroli) में सबसे गंभीर स्थिति देखने को मिली, जहां पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 316 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और समंदर में उठने वाले ज्वार-भाटे (High Tide) के दोहरे खतरे को देखते हुए बीएमसी (BMC) पूरी तरह मुस्तैद है। बृहन्मुंबई नगर निगम ने बताया कि नागरिक जीवन को पटरी पर रखने और जलभराव से निपटने के लिए करीब 10 हजार कर्मचारियों को फील्ड पर तैनात किया गया है।
इन जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों के लिए बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है:
- रेड अलर्ट (Red Alert): मुंबई, ठाणे, पालघर, पुणे और सतारा के घाट क्षेत्र।
- ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert): रायगढ़, रत्नागिरी और नासिक के घाट क्षेत्र।
संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित इलाकों में त्वरित कार्रवाई और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के जवानों को तैनात कर दिया गया है।
नदियां उफान पर, बांधों का बढ़ा जलस्तर
भारी बारिश के कारण रायगढ़ जिले में सावित्री, कुंडलिका और उल्हास जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। महाड (Mahad) शहर से भारी जलभराव की खबरें आ रही हैं। हालांकि, इस बारिश का एक सकारात्मक पहलू यह है कि कोंकण क्षेत्र के ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के प्रमुख बांधों में जल भंडारण (Water Stock) में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, कोल्हापुर में पंचगंगा और अन्य नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।
मराठवाड़ा में राहत: जालना में फसलों को मिला जीवनदान
एक तरफ जहां तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति है, वहीं जालना जिले में हुई व्यापक वर्षा ने किसानों के चेहरे पर खुशी ला दी है। इस बारिश से क्षेत्र की खरीफ फसलों (Kharif Crops) को भारी फायदा हुआ है, जिससे सूखे का संकट टल गया है।