मुंबई/नई दिल्ली। वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के समीप एक भयानक समुद्री हादसे का शिकार हुए 15 भारतीय पर्यटकों के पार्थिव शरीरों को मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को सम्मानपूर्वक स्वदेश वापस ला दिया गया है। वियतनाम में स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक राजनयिक बुलेटिन के अनुसार, इन सभी मृतकों के शवों को वियतनाम एयरलाइंस के एक विशेष कार्गो विमान के जरिए हो ची मिन्ह सिटी से रवाना कर भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया. भारतीय दूतावास ने संकट की इस अत्यंत कठिन घड़ी में पीड़ितों की पहचान करने, कागजी कार्रवाई पूरी कराने और शवों को जल्द से जल्द भारत भेजने में वियतनाम के स्थानीय अधिकारियों, आपातकालीन सेवाओं और वहां की सरकार द्वारा किए गए मानवीय प्रयासों और प्रार्थनाओं के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया है।
विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस भीषण जल हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश पर्यटक दक्षिण भारत के राज्यों से थे. इसके मद्देनजर आन्ध्रप्रदेश, केरल और तमिलनाडु की राज्य सरकारों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया है. तीनों राज्यों के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और आपदा प्रबंधन की टीमें मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंच चुकी हैं, जो इन पार्थिव शरीरों को विशेष एंबुलेंस और घरेलू उड़ानों के माध्यम से उनके संबंधित गृह राज्यों में स्थित पैतृक आवासों तक सुरक्षित और सकुशल पहुंचाने के कार्यों का पूरा समन्वय संभाल रही हैं. केंद्र सरकार ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव वित्तीय और प्रशासनिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।
गौरतलब है कि यह दर्दनाक दुर्घटना बीते शुक्रवार को उस समय घटित हुई थी, जब कुल 32 भारतीय पर्यटकों और चार स्थानीय वियतनामी क्रू सदस्यों को लेकर सैर पर निकली एक अत्याधुनिक स्पीड बोट अनियंत्रित होकर गहरे समंदर में पलट गई थी. इस भयंकर जल विभीषिका में 15 निर्दोष पर्यटकों की मौके पर ही डूबने से दर्दनाक मृत्यु हो गई थी, जबकि राहत की बात यह रही कि स्थानीय कोस्ट गार्ड ने तत्परता दिखाते हुए 16 अन्य भारतीय पर्यटकों को समुद्र की लहरों से जीवित बाहर निकाल लिया था, जो अब पूरी तरह स्वस्थ होकर भारत वापस लौट चुके हैं. हादसे में गंभीर रूप से चोटिल हुआ एक अन्य भारतीय पर्यटक अभी भी वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी स्थित एक सैन्य अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रही है।