नई दिल्ली: मई महीने की शुरुआत के साथ ही महंगाई ने आम आदमी की जेब पर दोहरा प्रहार किया है। शुक्रवार सुबह जहाँ 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में ₹993 का ऐतिहासिक उछाल आया, वहीं अब 5 किलो वाले एफटीएल (Free Trade LPG) सिलेंडर की कीमतों ने भी सबको चौंका दिया है। एक ही दिन में ‘छोटू’ सिलेंडर की कीमत में ₹261 प्रति सिलेंडर का इजाफा किया गया है।

बजट पर असर: ₹549 से सीधे ₹810 पर पहुँचा ‘छोटू’

इस बेतहाशा वृद्धि के बाद छोटे सिलेंडर की कीमतें अब आम पहुंच से दूर होती दिख रही हैं। दिल्ली में जो 5 किलो वाला सिलेंडर कल तक ₹549 में मिल रहा था, उसकी नई कीमत अब ₹810 हो गई है। मात्र 24 घंटे के भीतर आई यह बढ़ोत्तरी छोटे उपभोक्ताओं के लिए किसी बड़े आर्थिक झटके से कम नहीं है।

किसकी जेब पर पड़ा सबसे ज्यादा असर?

5 किलो वाले सिलेंडर की महंगाई का सीधा असर समाज के सबसे निचले और संघर्षशील वर्ग पर पड़ेगा:

  • प्रवासी मजदूर: रोजी-रोटी की तलाश में बड़े शहरों में रहने वाले मजदूर, जिनके पास स्थाई गैस कनेक्शन नहीं होता, वे इसी सिलेंडर पर निर्भर हैं। अब उनके भोजन का खर्च करीब 50% बढ़ जाएगा।
  • छात्र: दूसरे शहरों में रहकर पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए मासिक बजट को संभालना अब बड़ी चुनौती होगी।
  • रेहड़ी-पटरी वाले: चाय का ठेला लगाने वाले या छोटी रेहड़ी चलाने वालों के लिए अब मुनाफे की गुंजाइश और कम हो गई है।

एक दिन में दो बड़े झटके

आज सुबह तेल कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर के दाम में ₹993 की बढ़ोत्तरी की थी, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत ₹2,078.50 से बढ़कर ₹3,071.50 हो गई। अब छोटे सिलेंडर पर ₹261 की मार ने साफ़ कर दिया है कि बाहर खाना खाने से लेकर घर में चूल्हा जलाना तक, सब कुछ महंगा होने वाला है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल-अमेरिका) में बढ़ते युद्ध के तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में आई आग का नतीजा अब भारत के घरेलू बाजारों में महंगाई के रूप में दिख रहा है।


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