पीलीभीत। जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने किसानों का आह्वान किया है कि वे गन्ने की खेती में बेहतर लाभ के लिए केवल वैज्ञानिकों और विभाग द्वारा अनुमोदित किस्मों का ही चयन करें। शुक्रवार को गन्ना विकास समिति पीलीभीत के ग्राम कनाकोर में कृषक हरीफ कुमार के फार्म पर अगेती गन्ना किस्म को. लख. 16202 की वैज्ञानिक पद्धति से की गई बुवाई का निरीक्षण करते हुए उन्होंने यह बात कही। लगभग 1.5 एकड़ में की गई इस बुवाई में दो आँख वाले टुकड़ों (सेट) का प्रयोग कर तीन फीट की दूरी रखी गई है, जिसे वैज्ञानिक दृष्टि से उत्तम माना जाता है।
निरीक्षण के दौरान किसानों से संवाद करते हुए जिला गन्ना अधिकारी ने कहा कि वर्तमान में सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ लोग निजी स्वार्थवश गन्ना किस्मों को लेकर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं और किसानों को अस्वीकृत किस्में बोने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान ऐसे बहकावे में न आएं, क्योंकि अस्वीकृत और कम चीनी प्रतिशत वाली किस्मों से न केवल उत्पादन प्रभावित होता है बल्कि आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में अनुमोदित बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और किसान अब अपने मोबाइल के माध्यम से वेबसाइट enquiry.caneup.in पर बीज की उपलब्धता की रियल-टाइम जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर बसंतकालीन बुवाई की उन्नत तकनीकों पर चर्चा करते हुए बताया गया कि वैज्ञानिक पद्धति से बुवाई करने पर पौधों का विकास बेहतर होता है और रोग लगने की संभावना कम रहती है। कार्यक्रम में गन्ना विकास समिति के अधिशासी अध्यक्ष के.बी. शर्मा, सहायक गन्ना प्रबंधक राजीव शर्मा, उप गन्ना प्रबंधक शिव स्वरूप सिंह, प्रदीप सिंह और बाबू राम सहित अनेक विभागीय कर्मचारी व प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
