पीलीभीत। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पदाधिकारियों ने प्रदेश और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस समय भ्रष्टाचार और संवेदनहीनता चरम पर है। आज ही सुबह लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म का टिन शेड भरभरा कर गिर गया, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। इसके अलावा प्रदेश की जनता कई पुलों और सरकारी निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के स्पष्ट उदाहरण देख चुकी है। हाल ही में हुई नीट (NEET) परीक्षा का पेपर लीक होना व्यवस्था की नाकामी है, जिसके कारण कई होनहार युवाओं ने हताश होकर मौत को गले लगा लिया। अब सरकार द्वारा परीक्षा कराने के लिए वायुसेना की मदद लेने की बात कही जा रही है, जो पूरी व्यवस्था का मज़ाक उड़ाने जैसा है कि अगर सेना पेपर कराएगी तो बॉर्डर की सुरक्षा कौन करेगा?
नेताओं ने महोबा की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहां नीट की तैयारी कर रही एक दलित छात्रा का 16 दिनों तक अपहरण कर बंधक बनाया गया और उसके साथ दरिंदगी की गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद भी उत्तर प्रदेश सरकार का कोई नुमाइंदा पीड़िता से मिलने नहीं पहुंचा। जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष माननीय अजय राय जी उस पीड़ित परिवार का दुख साझा करने जा रहे थे, तो सरकार ने उनका रास्ता रोका। इसके बावजूद वे वहां पहुंचे। इस बौखलाई सरकार ने अब अजय राय जी के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है और उनकी संपत्ति की जांच कराने की बात कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने दोटूक कहा कि अजय राय जी का जीवन आईने की तरह साफ है, हमारे पास कोई ‘वाशिंग मशीन’ नहीं है। यदि सरकार में हिम्मत है तो अजय राय की जांच के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों और विधायकों की संपत्तियों की भी उन्हीं केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराए, ताकि पता चल सके कि पिछले दो पंचवर्षीय कार्यकालों में उन्होंने ठेकों और अन्य माध्यमों से कितना धनोपार्जन किया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश की सरकार विपक्ष और खासकर कांग्रेस के नेताओं को ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) का डर दिखाकर डराना चाहती है, लेकिन राहुल गांधी जी की तरह कांग्रेस का कोई भी कार्यकर्ता इनसे डरने वाला नहीं है। राहुल जी को भी ईडी का भय दिखाया गया, लेकिन उनके साफ-सुथरे जीवन के चलते एजेंसियां कुछ भी बाहर नहीं निकाल सकीं। आज प्रदेश में मिड-डे मील, मनरेगा, सड़क निर्माण से लेकर अस्पतालों में दवाइयों के वितरण तक हर जगह भ्रष्टाचार व्याप्त है। सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति सिर्फ कागजों पर है, अगर इसमें सच्चाई है तो 100% मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि जिस राम मंदिर से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है, वहां भी घोटाला कर दिया गया। वहां की जमीनें औने-पौने दामों में खरीदकर ट्रस्ट और भाजपा नेताओं के सगे-संबंधियों को करोड़ों रुपये में बेची गईं, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी आवश्यक है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया से इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की अपील की गई। इस महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से जिला प्रवक्ता हेमंत मिश्र, शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकृष्ण गंगवार, पीसीसी सदस्य ईश्वर दयाल पासवान, यूसुफ मलिक और अभिनव गुप्ता गोल्डी उपस्थित रहे।