​पीलीभीत। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के देशव्यापी आह्वान पर आज पीलीभीत में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। भाकपा माले के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर, लखनऊ में प्रदर्शन से पूर्व नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने की कड़ी निंदा की।
​प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जिला कमेटी सदस्य शम्स विकास एडवोकेट ने कहा कि 10 मई 2026 को लखनऊ में प्रस्तावित ‘मुख्यमंत्री आवास मार्च’ को विफल करने के लिए सरकार ने जिस तरह पूरे प्रदेश में भाकपा माले और ऐक्टू नेताओं को उनके घरों में नजरबंद किया, वह अलोकतांत्रिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के संवैधानिक और मौलिक अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है।
​शम्स विकास एडवोकेट ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से चेतावनी दी कि प्रदेश की जनता में सरकार की जनविरोधी नीतियों और अलोकतांत्रिक कार्यवाहियों के खिलाफ भारी विक्षोभ पनप रहा है। उन्होंने कहा कि दमनकारी नीतियों से जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और आने वाले समय में यह असंतोष एक बड़े आंदोलन का रूप लेगा।
​ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से जिला कमेटी सदस्य शम्स विकास एडवोकेट, ब्लॉक कमेटी सदस्य मनोहर लाल और संदीप वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

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