पीलीभीत। नवीन मंडी समिति स्थित कृषक विश्राम गृह में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता और जिला महामंत्री नेमचंद वर्मा के संचालन में हुई इस बैठक में किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कड़ा रोष व्यक्त किया। पंचायत में जनपद की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा करते हुए आगामी 26 फरवरी को तहसील सदर में महापंचायत और आर-पार की लड़ाई का शंखनाद किया गया।
पंचायत को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा ने कहा कि जनपद में आवारा पशुओं और जंगली जानवरों के कारण किसान बर्बाद हो रहा है। विशेषकर बाघों के बढ़ते आतंक के चलते मजदूर और किसान खेतों में जाने से कतरा रहे हैं, लेकिन वन विभाग मूकदर्शक बना बैठा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं से निजात नहीं मिली, तो संगठन अपने स्तर से कड़ा कदम उठाएगा। साथ ही, उन्होंने बिजली के स्मार्ट मीटरों के कारण उपभोक्ताओं को मिल रहे भारी-भरकम बिलों में तत्काल सुधार की मांग की।
वेद प्रकाश शर्मा ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे कार्यों के लिए किसानों से अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन की मिलीभगत से अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं और भू-माफिया गरीब किसानों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। इसी के विरोध में 26 फरवरी 2026 को तहसील सदर पीलीभीत में महापंचायत प्रस्तावित की गई है, जहाँ एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मंडल अध्यक्ष सतविंदर सिंह काहलों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर सत्ता के इशारे पर कार्य करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनपद में नकली कीटनाशक और उर्वरक की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है, जिससे किसानों का आर्थिक शोषण हो रहा है। काहलों ने जर्जर सड़कों और नहरों की टूटी पुलियाओं का मुद्दा उठाते हुए तत्काल मरम्मत और निर्माण की मांग की ताकि यातायात सुगम हो सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला मीडिया प्रभारी गुरजीत सिंह विर्क, वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान, मंडल उपाध्यक्ष इलियास उर्फ पप्पू, सोनू शाह, जिला सचिव अमित गंगवार, निर्मल भोजवाल, जिला उपाध्यक्ष सक्षम हरप्रसाद वर्मा, ओंकार सिंह, वीरपाल राजपूत, नागेंद्र कुशवाहा, पूरनलाल, धर्मवीर गंगवार, मुन्ना भाई, रमेश कुमार, लालाराम, अलाउद्दीन और श्री कृष्णा राजपूत सहित भारी संख्या में किसान नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।