सितारगंज। आगामी राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के सफल संचालन को लेकर प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को एसडीएम कार्यालय सभागार में आयोजित ब्लॉक टॉस्क फोर्स (बीटीएफ) की बैठक में तहसीलदार हिमांशु जोशी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान को प्रत्येक घर तक पहुंचाएं।
बैठक में शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लक्ष्य और तैयारियों की समीक्षा की गई। तहसीलदार ने कहा कि पोलियो उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान सभी बूथों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही घर-घर भ्रमण करने वाली टीमों, ट्रांजिट टीमों और निगरानी दलों को पूरी सक्रियता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाए। बैठक में माइक्रो प्लानिंग, वैक्सीन भंडारण, कोल्ड चेन व्यवस्था, निगरानी तंत्र और रिपोर्टिंग प्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई।
तहसीलदार ने विशेष रूप से दूरस्थ गांवों, प्रवासी परिवारों, निर्माण स्थलों, ईंट-भट्टों और अन्य उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता तभी संभव है जब कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की दवा लेने से न छूटे।
बैठक में डॉ. शादाब, डॉ. चित्रा पांडेय, बाल विकास परियोजना अधिकारी शोभा जनौटी, अमरजीत गहतोड़ी, भूप किशोर, मयंक नैलवाल और हृदयेश चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
टीकाकरण ही पोलियो से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय
सितारगंज। बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पोलियो एक गंभीर संक्रामक वायरल बीमारी है, जो बच्चों को स्थायी रूप से दिव्यांग बना सकती है। इस बीमारी का कोई निश्चित उपचार उपलब्ध नहीं है, इसलिए समय-समय पर दी जाने वाली ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के लिए पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है तथा सभी टीमों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन व्यवस्था को भी पूरी तरह सुदृढ़ किया गया है।
जनजागरूकता अभियान पर रहेगा विशेष जोर
सितारगंज। बैठक में निर्णय लिया गया कि पल्स पोलियो अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, ग्राम सभाओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। इसके माध्यम से प्रत्येक अभिभावक तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि निर्धारित तिथि पर अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं।
अधिकारियों ने कहा कि जनसहभागिता और जागरूकता के बिना पोलियो उन्मूलन का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है। इसलिए अभियान के दौरान व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।