रुद्रपुर। कन्या भ्रूण हत्या पर रोक और लिंगानुपात में सुधार के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी अधिनियम-1994 के अंतर्गत जिला सलाहकार समिति की बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक में नई अल्ट्रासाउंड मशीनों के पंजीकरण और नवीनीकरण से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई।

बैठक में सात नई अल्ट्रासाउंड मशीनों के पंजीकरण तथा 21 नवीनीकरण आवेदनों पर चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का परीक्षण कर मानकों के अनुरूप पत्रावलियां प्रस्तुत की जाएं, ताकि पंजीकरण एवं नवीनीकरण प्रमाणपत्र जारी किए जा सकें।

मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खंडवार कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर अल्ट्रासाउंड मशीनों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सीमा से सटे क्षेत्रों में भी यूपी स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त टीमों के माध्यम से अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण किया जाए, ताकि कहीं भी अवैध लिंग परीक्षण न हो सके।

उन्होंने राज्य सरकार की मुखबिर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के बाहर योजना से संबंधित फ्लैक्स लगाने के निर्देश भी दिए। साथ ही पीसीपीएनडीटी अधिनियम-1994 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता एवं निगरानी अभियान चलाने पर जोर दिया।

बैठक में गर्भवती महिलाओं की नियमित ट्रैकिंग करने तथा शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि आशा कार्यकत्रियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जिन क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव की स्थिति संतोषजनक नहीं है, वहां आवश्यक कार्रवाई की जाए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल, एसीएमओ डॉ. एस.पी. सिंह, डॉ. डी.पी. सिंह, डीजीसी बरीत सिंह, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अखिलेश, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सतवंत कौर, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पर्ल गुप्ता, प्रदीप मेहर, तथा स्वयंसेवी संस्थाओं से हीरा जंगपागी, नसरीन कुरैशी और सीमा सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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