पीलीभीत। विधायक पूरनपुर बाबूराम पासवान और जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में प्राथमिक विद्यालय मटेहना (ता0 घुंघचिहाई) में एक महत्वपूर्ण जन-चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य मटेहना क्षेत्र की 11 कॉलोनियों और 3 ग्राम पंचायतों के नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना था। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए आश्वासन दिया कि भूदान और अन्य पट्टों से संबंधित मामलों का परीक्षण कर उन्हें नियमानुसार नियमित किया जाएगा। इसके लिए उप जिलाधिकारी पूरनपुर और तहसीलदार की देखरेख में चरणबद्ध तरीके से कैंप लगाए जाएंगे ताकि पात्र व्यक्तियों को भूमिधरी अधिकार मिल सके।
विधायक बाबूराम पासवान ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को उसके अधिकारों से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और भूमिधरी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए शासन व प्रशासन स्तर पर निरंतर प्रयास किए जाएंगे। वहीं, जिलाधिकारी ने बाल कल्याण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोविड-19 या अन्य कारणों से निराश्रित हुए बच्चों को उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाए, ताकि उन्हें आर्थिक सहायता और मुफ्त शिक्षा का लाभ मिल सके।

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने शाम के समय होने वाली बिजली कटौती (पावर रोस्टिंग) की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को विद्युत कटौती का समय बदलने के निर्देश दिए। इसके अलावा, आवास, राशन और पेंशन से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए विशेष सूची तैयार करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने यह भी घोषणा की कि जिला स्तरीय अधिकारियों की एक विशेष टास्क फोर्स गांव में कैंप लगाएगी और अगले 2-3 महीनों में सड़क, जल निकासी, स्वच्छता, पेंशन और पट्टा हस्तांतरण जैसी दशकों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेगी। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी पूरनपुर, तहसीलदार, राजस्व अधिकारी और ग्राम प्रधान सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।