​पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अन्तर्गत सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल ‘चूका बीच’ का चालू पर्यटन सत्र 2025-26 मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव), उत्तर प्रदेश, लखनऊ के आदेशानुसार इस सत्र का समापन 30 जून 2026 को किया गया, जिसकी शुरुआत विगत 01 नवंबर 2025 को हुई थी। इस वर्ष का पर्यटन सत्र न केवल सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहा, बल्कि राजस्व और पर्यटकों की संख्या के मामले में इसने पिछले सभी वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह द्वारा जारी विवरण के अनुसार, इस बार कुल 56,783 पर्यटकों ने चूका बीच का भ्रमण किया, जिनमें 56,567 भारतीय और 216 विदेशी नागरिक शामिल थे। इस भारी आमद से वन विभाग को कुल 1,62,02,707 रुपये का ऐतिहासिक राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। सत्र के दौरान राजनेताओं, अभिनेताओं, उच्च प्रशासनिक अधिकारियों सहित माननीय उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने भी यहाँ का दौरा किया और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया।
​प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने एक और विशेष और गौरवपूर्ण उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि इस पूरे पर्यटन सत्र के दौरान बाघ के नन्हे शावकों की साइटिंग (दिखाई देना) पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा और मुख्य आकर्षण रही। इस बार जंगल के भीतर वन्यजीव प्रेमियों को एक अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला, जहाँ 4 अलग-अलग बाघिनों के कुल 10 नन्हे शावकों को स्वच्छंद विचरण करते हुए देखा गया। प्रभागीय वनाधिकारी के अनुसार, शावकों की इतनी बड़ी संख्या में लगातार साइटिंग होना पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बेहतरीन इकोसिस्टम, सुरक्षित पर्यावास और प्रभावी वन्यजीव संरक्षण प्रबंधन की सफलता को प्रमाणित करता है, जिसने इस बार आए पर्यटकों के रोमांच को कई गुना बढ़ा दिया।


​इसके अलावा, इस वर्ष पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने सामाजिक सरोकार के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व मिसाल कायम करते हुए भारत के पहले ‘दिव्य दर्शन’ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस अनूठी पहल के तहत दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों को टाइगर रिजर्व मुख्यालय से हरी झंडी दिखाकर सफारी गाड़ियों के माध्यम से चूका ईको पर्यटन स्थल का विशेष भ्रमण कराया गया। पर्यटकों की सुविधाओं की बात करें तो चूका बीच पर रात्रि विश्राम के लिए 04 थारू हट, 01 बैम्बू हट और 01 ट्री हट की बेहतरीन व्यवस्था उपलब्ध रही। इसके साथ ही मुस्तफाबाद ईको विकास समिति द्वारा संचालित कैंटीन, वॉटर हट और सोविनियर शॉप भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भी बड़ी संख्या में सफारी वाहनों से प्रकृति को करीब से जाना। पर्यटकों की सुगमता के लिए क्षेत्र में 110 प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड और वन्यजीवों को देखने के लिए 4 आधुनिक वॉच टॉवर तैनात रहे, जबकि शारदा सागर डैम में मोटर बोट सफारी का भी संचालन किया गया।
​वन विभाग ने इस वर्ष पर्यटन के दायरे को बढ़ाते हुए बराही वन विश्राम भवन से सफारी गाड़ियों का संचालन शुरू कर ‘जोन 03’ का नया शुभारंभ किया। इसके अतिरिक्त, पर्यटकों के स्वागत के लिए पीटीआर मुख्यालय, महोफ, मुस्तफाबाद और लालपुल के पास 4 भव्य सिग्नेचर गेट बनाए गए हैं। मुस्तफाबाद वन विश्राम भवन परिसर में बनाए गए सेल्फी पॉइंट और रिजर्व के अंतर्गत संचालित 3 होम स्टे भी सैलानियों के बीच काफी लोकप्रिय रहे। वहीं, बराही रेंज के अंतर्गत सप्त सरोवर पर ईको विकास समिति सेल्हा द्वारा संचालित 2 वूडेन हट, 2 ग्रीन हट, 2 टेंट हट और कैंटीन की व्यवस्था ने पर्यटकों को ठहरने का एक नया व प्राकृतिक अनुभव प्रदान किया।

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