​पीलीभीत। जिले के जोगराजपुर गाँव के पास घने जंगलों से घिरे कच्चे और टूटे-फूटे रास्तों पर दौड़ते हुए अपने सपनों को उड़ान देने वाले एथलीट यूनुस शाह ने इतिहास रच दिया है। भारतीय सेना में हवलदार के पद पर तैनात यूनुस का चयन जापान के नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले आगामी एशियाई खेलों के लिए हुआ है। पीलीभीत जैसे छोटे जिले के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है, क्योंकि यह पहली बार है जब यहाँ का कोई एथलीट इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगा।
भुवनेश्वर में बनाया नया रिकॉर्ड
यूनुस शाह ने हाल ही में 2026 में भुवनेश्वर में आयोजित इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया। उन्होंने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में 3:37.55 का समय निकालकर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया और भारत के प्रमुख धावक गुलवीर सिंह (3:38.31) को पीछे छोड़ दिया। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर दोनों खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है।
​ उनके भाई अधिवक्ता चंद शाह ने बताया कि यूनुस ने इंटर तक जोगराजपुर के सेवाराम इंटर कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की थी उसके बाद वह शाहजहांपुर में उच्च शिक्षा के लिए चले गए थे.
पीलीभीत के जंगली इलाकों से घिरे गाँव से ताल्लुक रखने वाले यूनुस को बचपन से ही दौड़ने, कुश्ती और कबड्डी का शौक था। उनका शुरुआती सपना भारतीय सेना में शामिल होना था। यूनुस बताते हैं, “मैंने शुरुआत में सिर्फ सेना में भर्ती होने के लिए दौड़ना शुरू किया था। मैंने फॉर्म भी भरा था, लेकिन लॉकडाउन के कारण भर्ती में शामिल नहीं हो पाया। जब तक हालात सामान्य हुए, मेरी उम्र सीमा निकल चुकी थी। तब मैंने तय किया कि मैं एथलेटिक्स को ही अपना करियर बनाऊंगा।”
​इसके बाद यूनुस दिल्ली चले गए और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कोच विपिन के मार्गदर्शन में कड़ा प्रशिक्षण शुरू किया, जिसने उनके खेल करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। बाद में खेल कोटे से भारतीय सेना में हवलदार बनकर उन्होंने अपना सेना में जाने का सपना भी साकार किया।
​एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने का लक्ष्य
यूनुस का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने 2022-23 में चेन्नई में हुई ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स मीट में 1500 मीटर में स्वर्ण और 800 मीटर में रजत पदक जीता था। यूनुस ने कहा, “मैंने 2024 में दक्षिण कोरिया में हुई एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था और पिछले तीन सालों से इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मेरा स्वर्ण पदक बरकरार है। अब मेरा एकमात्र लक्ष्य नागोया एशियाई खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।”
​जिले में खुशी और गर्व का माहौल
यूनुस की इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर पूरे जिले में जश्न का माहौल है। जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष अनिल महेंद्र ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, “यह पीलीभीत जिले के लिए एक बेहद गौरवपूर्ण क्षण है। यह पहली बार है जब हमारे जिले का कोई बेटा एथलेटिक्स की किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने जा रहा है। हमें पूरी उम्मीद है कि यूनुस देश और जिले का नाम रोशन करेंगे।”

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