पीलीभीत। परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से रूबरू कराने के उद्देश्य से बुधवार को ‘एक्सपोजर विजिट’ का आयोजन किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने कार्यालय परिसर से चार बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस शैक्षणिक भ्रमण के तहत जनपद के विभिन्न ब्लॉकों से आए लगभग 200 विद्यार्थियों को भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली ले जाया गया।
छात्रों का उत्साह और बीएसए का संवाद
यात्रा की शुरुआत से पहले बीएसए रोशनी सिंह ने स्वयं बसों के भीतर जाकर बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों की जिज्ञासाओं को परखते हुए उनसे भ्रमण को लेकर उनकी खुशी के बारे में पूछा, जिस पर उत्साहित बच्चों ने मुस्कुराते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। बीएसए ने बताया कि इस विजिट का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें भौगोलिक परिस्थितियों, पशु-पक्षियों के संरक्षण और बाहरी दुनिया के तकनीकी विकास से परिचित कराना है।

बरेली स्थित आईवीआरआई पहुँचने पर पूरनपुर, बिलसंडा, बरखेड़ा, ललौरी खेड़ा, अमरिया, मरौरी और नगर क्षेत्र के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान की एक नई दुनिया देखी। संस्थान के सीनियर टेक्निकल ऑफिसर रवि प्रकाश ने बच्चों को नाभिकीय वैज्ञानिक प्रयोगशाला और केंचुआ पालन की बारीकियों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने छात्रों को बताया कि पशुओं में कौन से वायरस जानलेवा होते हैं और किस तरह गहन शोध (रिसर्च) के आधार पर उनकी वैक्सीन तैयार की जाती है। बच्चों ने यहाँ रिसर्च सेंटर, नेशनल एनिमल साइंस सेंटर, कृषि विज्ञान केंद्र और जैविक उत्पाद विभाग का भी भ्रमण किया।
तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों ने वन्य जीव प्राणी संस्थान में बारहसिंगा और हिरणों को करीब से देखा। संस्थान के म्यूजियम में रखे गए मोर, कछुआ, शुतुरमुर्ग और एमू जैसे पक्षियों के बारे में दी गई जानकारी छात्रों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान बच्चों ने योगा पार्क का भी भ्रमण किया और प्राकृतिक परिवेश का आनंद लिया।
विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति
इस पूरे एक्सपोजर विजिट के सफल संचालन में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान जिला समन्वयक राकेश पटेल, सचिन चौधरी, राजीव कुमार, अजय कुमार, के.के. सागर, श्री कृष्ण, के.के. सिंह और भूपेंद्र पाल सिंह मौजूद रहे। साथ ही गीता रानी, करुणा गौर, मृदुला गंगवार सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों का मार्गदर्शन किया।