​पीलीभीत। जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में एन-कॉर्ड (नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर ) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पिछले माह की प्रगति का ब्यौरा लेते हुए नशीली दवाओं के बढ़ते नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि संबंधित विभागों को अपना सूचना तंत्र (इंटेलिजेंस) और अधिक विकसित करना होगा ताकि नशे की तस्करी के मुख्य स्रोतों तक पहुँचकर बड़ी रिकवरी सुनिश्चित की जा सके।
​जिलाधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर और संबंधित टीम को निर्देशित किया कि जनपद के सभी मेडिकल स्टोरों का समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण किया जाए, ताकि प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए उन्होंने एक व्यापक रणनीति पर जोर देते हुए कहा कि युवा मंगल दल के माध्यम से गाँव-गाँव में जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही, जिले में आयोजित होने वाले रोजगार मेलों और स्वास्थ्य शिविरों में बैनर, स्लोगन और चलचित्रों (वीडियो) के जरिए नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के प्रति युवाओं को जागरूक करने की योजना बनाई गई है।
​बैठक में सुरक्षा और निगरानी को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई, जिसमें जिलाधिकारी ने सीमावर्ती क्षेत्रों और संदिग्ध ठिकानों पर कड़ी नजर रखने के लिए मुखबिरी तंत्र को और अधिक पुख्ता करने के निर्देश दिए। इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) प्रसून द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी, सीओ सिटी, जिला आबकारी अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने की हिदायत दी गई है।

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