रूद्रपुर। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तराखंड ने राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों के सत्यापन अभियान के दौरान फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है, जांच में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद से निर्गत दर्शाए गए 10 शस्त्र लाइसेंस प्रथम दृष्टया फर्जी पाए गए हैं इन लाइसेंसों के आधार पर काशीपुर स्थित एक गन हाउस से हथियार खरीदे गए थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपराध मुक्त उत्तराखंड विजन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन में एसटीएफ राज्यभर में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता की जांच कर रही है इसी क्रम में कई संदिग्ध लाइसेंसों की जांच के दौरान यह मामला प्रकाश में आया। एसटीएफ के एसएसपी के अनुसार नौशाद हुसैन समेत 10 व्यक्तियों ने शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश से निर्गत दर्शाए गए शस्त्र लाइसेंसों के आधार पर हथियार खरीदे थे। संबंधित दस्तावेजों और अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी कार्यालय शाहजहांपुर से सत्यापन कराया गया। सत्यापन में पता चला कि संबंधित व्यक्तियों के नाम से कोई शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं किया गया था जबकि प्रस्तुत लाइसेंसों के क्रमांक अन्य व्यक्तियों के नाम पर निर्गत थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों में शाहजहांपुर का पता दर्शाकर कूटरचित अभिलेख तैयार कराए और उन्हीं के आधार पर फर्जी शस्त्र लाइसेंस हासिल किए इसके बाद इन लाइसेंसों का उपयोग कर हथियारों की खरीद की गई।एसटीएफ ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध धोखाधड़ी,कूटरचना,कूटरचित दस्तावेजों के प्रयोग तथा आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में कोतवाली काशीपुर में मुकदमा दर्ज कराया है।मामले में संगठित नेटवर्क से जुड़े एजेंटों,बिचैलियों तथा अन्य लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि राज्य में हजारों स्थानांतरित शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन अभी जारी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं तथा ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि एसटीएफ इससे पूर्व भी फर्जी शस्त्र लाइसेंसों से जुड़े दो मामलों में कार्रवाई कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एक मामले में फर्जी लाइसेंस के साथ अवैध सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और कारतूस भी बरामद किए गए थे। गिरफ्तार अभियुक्तों नौशाद हुसैन पुत्र लियाकत हुसैन निवासी मोहला थाना साबिक काशीपुर जिला उधमसिंहनगर से 1 पिस्टल 30 बोर 28 कारतूस व कूटरचित लाइसेंस बरामद हुए। जतिन कांडपाल पुत्र पूरन चन्द्र कांडपाल निवासी चामुंडा मंदिर थाना काशीपुर उधमसिंहनगर से 1 पिस्टल 32 बोर, 18 कारतूस व कूटरचित लाइसेंस बरामद हुए। अजीम पुत्र नन्हे पहलवान निवासी ग्राम व् पोस्ट सिन्धोली जनपद शाहजहाँपुर उत्तर प्रदेश हाल निवासी थाना काशीपुर उधमसिंहनगर से 1 पिस्टल 30 बोर, 19 कारतूस व कूटरचित लाइसेंस बरामद हुए। गिरफतार करने वालों में एसटीएफ उत्तराखण्ड टीम के निरीक्षक एम0पी0सिंह, निरीक्षक अरुण कुमार, उ0नि0 जगदीप नेगी, उ0नि0 प्रकाश भगत, अ0उ0नि0 सत्येन्द्र गंगोला, हे0का0 गोविन्द बिष्ट, हे0का0 रियाज अख्तर, का0 गुरवंत सिंह, हे0का0 सुरेन्द्र सामंत, का0 सोनू पाण्डे व हे0का0 चालक संजय कुमार तथा जनपद ऊधमसिंहनगर पुलिस के उ0नि0 सुनील सुतेड़ी, हेड कानि0 दीपक कुमार, कानि0 हरीश गोस्वामी व का0 चालक ललित चैधरी शामिल रहे।