रूद्रपुर। श्रमिक संयुक्त मोर्चा ऊधमसिंहनगर के कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह के विरुद्ध ऊधमसिंहनगर जिला प्रशासन द्वारा गुंडा एक्ट की कार्यवाही शुरू करने, उन्हें जिला बदर करने को दी गईं चेतावनी और अपरजिलाधिकारी प्रशासन रुद्रपुर के न्यायालय में शुरू किये जा रहे वाद संख्या-5104 वर्ष 2026 के विरोध में आज श्रमिक संयुक्त मोर्चा ऊधमसिंहनगर के बैनर तले विभिन्न ट्रेड यूनियनों, मजदूर व सामाजिक संगठनों का प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर से मिला एंव उक्त कार्यवाही की कड़ी निन्दा करते हुए ज्ञापन सौंपा।
श्रमिक नेता दलजीत सिंह के विरुद्ध की जा रहीं गुंडा एक्ट की कार्यवाही को तत्काल निरस्त करने की मांग की।ज्ञापन में कहा गया है कि जिला प्रशासन द्वारा अपने उक्त नोटिस में कहा है कि दलजीत सिंह गुण्डा है उससे क्षेत्र की शांति को खतरा है वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन द्वारा 11मई 2026 को जारी किये गये अपने नोटिस को करीब एक माह बाद जून माह में दिया गया जिससे स्पष्ट है कि जिला प्रशासन अपने उपरोक्त आरोप के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। उक्त नोटिस में यह चेतावनी दी गईं है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा अपनी उक्त रिपोर्ट में दलजीत सिंह को ऊधमसिंहनगर जिले से बाहर निष्कासित करने की संस्तुति दी है। क्योंकि दलजीत सिंह ऊधमसिंहनगर जिले के पंतनगर सिडकुल स्थित इंटरार्क कम्पनी में 15-20 साल से नौकरी कर रहे हैं इसलिए उन्हें ’जिला बदर’ करने की कार्यवाही ’दलजीत सिंह और उनके बच्चों के सम्मानजनक रूप से जीवन जीने और रोजगार करने के संवैधानिक अधिकारों का घोर हनन है। संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 की घोर अवमानना है,यह पूर्णतः संविधान विरोधी कृत्य है।आंदोलन के दौरान दर्ज उक्त फर्जी मुकदमों का हवाला देकर गुंडा एक्ट के तहत शुरू की गईं यह कार्यवाही सर्वथा अनुचित और असंवैधानिक है।प्रतिनि धिमंडल में श्रमिक संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी,कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह, प्रचार मंत्री हरेन्द्र सिंह,सीएसटीयू के धीरज जोशी,इंकालबी मजदूर केंद्र के कैलाश भट्ट, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के शिवदेव सिंह,डॉल्फिन मजदूर संगठन के विश्व जीत सरकार,एलजीबी वर्कस यूनियन से बालम सिंह रावत,इंटरार्क मजदूर संगठन से उमेश प्रजापति,राणे मद्रास यूनियन से जगदीश चन्द्र आदि साथी शामिल थे।