पीलीभीत। जिला प्रशासन और पुलिस महकमे के आला अधिकारियों ने आज जिला कारागार की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए एक बड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने शनिवार को अचानक जिला कारागार (जेल) का औचक निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण से जेल परिसर और स्टाफ में हड़कंप की स्थिति रही। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कारागार के भीतर सुरक्षा व्यवस्था से लेकर बंदियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं का गहनता से परीक्षण किया।
जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने निरीक्षण के क्रम में विशेष रूप से किशोर बैरक, अन्य सामान्य बैरकों और जेल अस्पताल का दौरा किया। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां भर्ती बीमार बंदियों से सीधा संवाद किया और उनके इलाज व स्वास्थ्य के बारे में विस्तृत जानकारी ली। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि बीमार बंदियों की चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी तरह की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने डॉक्टरों को नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण करने और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैरकों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना। बंदियों ने अपनी कुछ व्यक्तिगत और कानूनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं, जिस पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही इन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। इसके साथ ही, बंदियों को जेल में मिलने वाली सुविधाओं और भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी पूछताछ की गई। अधिकारियों ने रसोई और भोजन की शुद्धता को भी परखा।
निरीक्षण के समापन पर जिलाधिकारी ने जेल अधीक्षक को सख्त निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही सभी बंदियों को समस्त बुनियादी सुविधाएं और भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने जेल परिसर में नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। इस औचक निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक, जेलर सहित कारागार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल के जवान मुख्य रूप से मौजूद रहे।