लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मोबाइल चोरी और उसके जरिए वित्तीय साइबर अपराध करने वाले एक बेहद शातिर अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। महिगवां थाना पुलिस और लखनऊ की साइबर क्राइम सेल ने एक संयुक्त और त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़े गए सभी आरोपी पड़ोसी जिले सीतापुर के रहने वाले हैं, जो चोरी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर मासूम लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाते थे।
सीतापुर के रहने वाले 5 शातिर ठग गिरफ्तार
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राम स्वरूप, अमित कुमार, सुभाष, पुत्तीलाल और रामू रावत के रूप में हुई है। यह सभी आरोपी मूल रूप से सीतापुर जिले के निवासी हैं और लखनऊ व आस-पास के क्षेत्रों में सक्रिय थे। इनका मुख्य काम भीड़भाड़ वाले इलाकों से कीमती मोबाइल फोन चोरी करना और फिर उन मोबाइलों में मौजूद पर्सनल डेटा, बैंकिंग ऐप्स और ओटीपी (OTP) का क्लोन बनाकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देना था।
14 मोबाइल फोन, कैश और कार-बाइक बरामद
महिगवां पुलिस और साइबर सेल की टीम ने जब इस गिरोह के ठिकानों पर छापेमारी की, तो इनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध सामान और गैजेट्स बरामद हुए। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 एंड्रॉयड स्मार्टफोन और 3 कीपैड मोबाइल (कुल 14 मोबाइल) जब्त किए हैं। इसके साथ ही मौके से 8,358 रुपये की नकदी (कैश), विभिन्न बैंकों के एटीएम/क्रेडिट कार्ड, फर्जी और असली आधार व पैन कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल होने वाली एक कार और एक मोटरसाइकिल को भी सीज कर दिया है।
अकाउंट खाली करने वाले नेटवर्क की जांच जारी
इस बड़ी कामयाबी के बाद पुलिस और साइबर विशेषज्ञ इन पांचों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इन्होंने अब तक कितने लोगों के मोबाइल चोरी कर उनके बैंक खातों से पैसे उड़ाए हैं और इस रैकेट में इनके साथ कोई बैंक कर्मचारी या सिम कार्ड डीलर तो शामिल नहीं है। महिगवां पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चोरी, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट (IT Act) की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।